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92. बॉक्सर सरिता देवी ने लौटाया पुरस्कार

7 वर्ष पहले
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इंचियोन एशियन गेम्स में विवादास्पद हार के बाद सरिता देवी ने कांस्य पदक लौटाया, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग संघ (आईबा) ने सरिता को एक साल के लिए बैन किया। हालांकि, सरिता ने पदक स्‍वीकार कर लिया है। सरिता 2016 के रियो ओ‍लंपिक में खेल पाएंगी।
नंबर 92 पर इसलिए क्योंकिः अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सम्मान समारोह में अपनी तरह की अनोखी घटना जिसके कारण एक प्रतिभावान खिलाड़ी का करिअर लगभग खत्म होते - हाेते बचा।
फैक्ट फाइल:
• सरिता देवी को एशियाई खेलों की बॉक्सिंग प्रतियोगिता के 60 किलोग्राम वर्ग में सेमीफाइनल में दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी पार्क जीना ने हराया था। हालांकि मुकाबले में सरिता देवी प्रतिद्वंद्वी पर भारी दिख रही थीं।
• इंचियोन में पोडियम सेरेमनी के दौरान सरिता देवी ने रोते हुए अपना पुरस्कार लिया और आगे भी उन्होंने बहुत आंसू बहाए। सरिता देवी निलंबन के कारण विश्व चैंपिनशिप में हिस्सा लेने से वंचित रह गईं।
• सरिता के व्यवहार से गुस्साए संघ ने उनके कोच गुरबख्श संधू, सागर दयाल और ब्लेक्स फ़र्नांडिज को भी दो साल तक प्रतियोगितायों में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया।
• सरिता ने कहा - मेरे दिल में जो दुख है, मैं उसे कोरिया में ही छोड़कर जाना चाहती हूं। मेरे साथ जो हुआ है, अच्छा नहीं हुआ है।
• आईबा के तकनीकी दल के डेविड फ़्रांसिस ने कहा था, ‘सारी घटना सरिता और उसकी टीम की सोची-समझी योजना लगती है।
• खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने आईबा अध्यक्ष चिंग कूओ वू से सरिता देवी की मेहनत और बेहद सादगीपूर्ण पृष्ठभूमि को देखते हुए उनके साथ सहानुभूति रखने की अपील की।
• सरिता देवी के समर्थन में आए सचिन तेंदुलकर ने देशवासियों से समर्थन करने और इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की अपील की।
• आईबा ने 17 दिसंबर को सरिता देवी के बिना शर्त माफी मांगने के बावजूद एक साल का प्रतिबंध और एक लाख स्विस फ्रैंक का जुर्माना लगाया।
• आइबा की ओर से सरिता को निलंबित किये जाने के फैसले के विरोध में एक जनहित याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी है।
• इस बीच, सरिता देवी ने 10 दिसंबर को एशियन गेम्स में जीता अपना ब्रॉन्ज मेडल स्‍वीकार कर लिया है। भारतीय ओलिंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने नयी दिल्ली में अपने कार्यालय में उन्हें पदक सौंपा, जिसे उन्‍होंने नम आंखों से स्‍वीकार किया।