2 नवंबर को कोच्चि से शुरू हुआ ‘किस ऑफ लव‘ अभियान कोलकाता होते हुए राजधानी दिल्ली पहुंच गया । अपनी तरह का पहला 'खुल्ल्म-खुल्ला' इजहार।
नंबर 83 पर इसलिए क्योंकि : भारत में ऐसा पहली बार है जब कट्टरपंथी संगठनों और मोरल पुलिसिंग का विरोध सोशल नेटवर्क पर और खुल्लम खुल्ला किस करके किया जा रहा है। 'किस आफ लव' बनाम 'किस ऑफ प्रोटेस्ट' के समर्थक सड़क से लेकर कोर्ट तक आमने-सामने हैं।
फैक्ट फाइल
• ‘किस ऑफ लव‘ कैंपेन दरअसल प्यार करने वालों द्वारा अपने विरोधियों को जवाब देने का अनोखा तरीका है।
• अक्टूबर 2014 में मलयालम न्यूज चैनल जय हिंद टीवी द्वारा मोरल पुलिसिंग पर दिखाई गई एक रिपोर्ट के बाद यह मामला गरमा गया।
• केरल के फिल्म निर्माता ने मोरल पुलिसिंग का विरोध करते हुए
फेसबुक पर ‘किस ऑफ लव‘ पेज बनाया और उसके बाद यह एक कैंपेन बन गया।
• ‘किस ऑफ लव‘ कैंपेन 2 नवंबर को कोच्चि के मरीन ड्राइव तट से शुरू हुआ और फिर कोलकाता, दिल्ली होते हुए भोपाल तक पहुंच गया।
• कोच्चि में पार्कों या सार्वजनिक स्थानों पर किस करने को लेकर कुछ प्यार करने वालों को शर्मिंदा किया और उनकी पिटाई भी की गई। किस ऑफ लव‘ कैंपन इसी का परिणाम है।
• इस इवेंट को सोशल नेटवर्किंग के जरिये प्रचारित किया गया और
हैदराबाद यूनिवर्सिटी, जेएनयू दिल्ली, आईाअईएसईआर कोलकाता, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी, आईआईटी मद्रास और आईआईटी बॉम्बे से जमकर समर्थन मिला।
• दिल्ली में संघ कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे किस ऑफ लव अभियान के समर्थक हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए।
• उधर, ‘किस ऑफ लव‘ कैंपेन को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट की चेतावनी है कि अनजान शख्स से किस करना संक्रमण का कारण बन सकता है।