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84. मांझी के उल्टे-सीधे, लेकिन मजेदार बयान

7 वर्ष पहले
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बिहार के महादलित मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पिछले 7 महीनों में उल्टे-सीधे बयान देकर माहौल बना रखा है। मांझी कहते हैं, मैं किसी के आगे झुकने वाला नहीं।
नंबर 84 पर इसलिए क्‍योंकि:जीतन राम मांझी को बिहार का मुख्यमंत्री बना कर नीतीश कुमार ने मास्टर स्ट्रोक खेला था लेकिन गुजरते वक्त के साथ मांझी उन्हीं के लिए मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं।
फैक्ट फाइलः मांझी के अलग-अलग मौकों पर दिए कुछ विवादित-दिलचस्प बयान
• मैंने भी बिजली का बिल दुरुस्त करने के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत दी थी।
• सरकार छोटे स्तर पर जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों को दंडित नहीं करेगी।
• भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है नीतीश कुमार ने काम किया लेकिन करप्शन दूर नही हुआ।
• अगर इलाज में गरीबों के साथ खिलवाड़ हुआ तो वे दोषी का हाथ काट देंगे, भले ही इसके लिए उनके साथ कोई भी सितम क्यों न हो।
• चूहा मारकर खाना खराब बात नहीं है, मैं भी चूहा खाता था। खास बात यह है कि आज भी मुझे चूहा मिल जाए तो परहेज नहीं है।
• महादलित परिवार से होने के कारण बचपन से ही मैं ठोकर खाता रहा हूं। ठोकर खाते-खाते मुख्यमंत्री बन गया, कहीं यही ठोकर मुझे प्रधानमंत्री न बना दे।
नरेंद्र मोदी अगर प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के साथ ही इस प्रदेश की दूसरी लंबित मांगों को पूरा करें तो हम उनके समर्थक हो जाएंगे।
• कॉलेज के दिनों में मेरे पास एक पाजामा, एक हॉफ शर्ट, एक बनियान और एक लुंगी थी, जिन्हें 6 दिन पहनता था और शनिवार को धोकर सुखा देता था।
• मेरी पढ़ाई और सादगी की वजह से ही कॉलेज की लड़कियां मुझ पर जान छिड़कती थीं और ट्यूशन पढ़ने आया करती थीं।
• बिहार के जवान आदमी काम की तलाश में राज्य से बाहर चले जाते हैं और साल भर बाद आते हैं। आपकी पत्नी यहां घर पर क्या करती थी, यह सोचने की बात है।
• मैं तो नीतीश कुमार का हनुमान हूं जिस दिन कहेंगे कुर्सी छोड़ दूंगा। मुझे और नीतीश जी को लेकर मीडिया बेकार में हल्ला मचाती है।
• हम मुहसर जाति के हैं और हम भी खूब शराब पीते थे। बाद में पीना छोड़ दिया तो आज प्रदेश का मुख्यमंत्री बन गया।
• कोई दलित दिनभर काम करके घर लौटता है और रात में खाना खाने के बाद थोड़ी शराब पी लेता है तो मैं इसे गलत नहीं मानता हूं।