पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एक मां की बेबसी... बड़े बेटे काे भगाया, छोटे बेटे को 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर दे दिया गोद

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भोपाल. बच्चों के लालन-पालन करने में असमर्थ एक मां ने अपने 5 साल के बेटे को 100 रुपए के स्टाॅम्प पेपर पर गोदनामा लिखकर गोद दे दिया। इसके अलावा महिला ने अपनी दो बच्चियों (एक की उम्र 14 साल, दूसरी की 12 साल) को एक अन्य महिला के यहां बंधुआ मजदूर के रूप में रख दिया। यह खुलासा मंगलवार को महिला के ही 12 साल के बेटे ने किया है। बेटे का कहना है कि उसे भी मां ने घर से भगा दिया था।

 

चाइल्ड लाइन ने चारों बच्चों के अलावा महिला के साथ रह रही एक 4 साल की बच्ची को रेस्क्यू किया। इनमें से तीन बच्चों को बालगृह और दो को शिशु गृह भेज दिया है। इसके बाद एसजेपीयू-चाइल्ड लाइन ने महिला की काउंसलिंग कर पूरे मामले की जांच नए सिरे से शुरू कर दी है। 

 

तीन बच्चों को बालगृह और दो को शिशु गृह भेज दिया

 

चाइल्ड लाइन की अर्चना सहाय ने बताया कि पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस एक 12 वर्षीय लड़के को भोपाल छोड़ने आई थी। पुलिस ने उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में पकड़ा था। पूछताछ में लड़के ने खुद को भोपाल के तलैया पुलिस थाना के नजदीक का रहने वाला बताया था। उसने मां और तीन बहनों के बारे में जानकारी दी थी। चाइल्ड लाइन को काउंसलिंग के दौरान लड़के ने बताया कि उसकी मां ने दो बहनों को किसी महिला के घर मजदूरी के लिए रखा है। दोनों बहनें वहीं रहती हैं। मुझे घर से भगा दिया था।

 

साथ ही, पांच साल के छोटे भाई को किसी परिवार को गोद दे दिया। उसने बताया कि मां हम बच्चों का लालन-पालन करने में असमर्थ हैं। लड़के के इन बयानों की जांच करने चाइल्ड लाइन ने भोपाल पुलिस की मदद लेकर महिला को खोजा। साथ ही, गोद दिए गए बच्चे और दूसरे स्थान पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रही दोनों लड़कियों को रेस्क्यू किया।  

 

बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रहीं लड़कियों में एक रेप पीड़िता भी

 

रेस्क्यू किए गए बच्चों की मां ने बताया कि भीख मांगकर गुजारा करते हैं। हम चाहते थे कि बच्चे अच्छे घर में जाएं इसलिए बच्चा गोद दिया था। वहीं बच्चियों को एक घर में काम में लगाया ताकि वह सुरक्षित रहे। एक बच्ची को सहारे के लिए अपने साथ रखा था। पांचों बच्चे उसके पहले पति की संतान है। पहला पति मजदूर था। उसकी मौत के बाद वह बच्चे पालने में असमर्थ थी, इसलिए उसने दूसरी शादी की थी। दूसरे पति और उसके दोस्त ने उसकी सबसे बड़ी बच्ची के साथ ज्यादती की थी, इसलिए वह जेल में है।

 

एसजेपीयू और सहयोगी संस्था चाइल्ड लाइन ने मिलकर पांच बच्चों को रेस्क्यू किया है। महिला और बच्चों की कानूनी मदद का प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी है। 
- एसपी मिश्रा, एसजेपीयू प्रभारी