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डाउनलोड करेंपटना/फुलवारीशरीफ. हत्या और रंगदारी समेत 15 से अधिक संगीन मामलों में फरार चल रहे भोजपुर के चांदी थाने के लोदीपुर निवासी अभिषेक कुमार को पटना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। अभिषेक भागलपुर जेल में बंद कुख्यात रंजीत चौधरी का शार्प शूटर है। रविवार की दोपहर नौबतपुर थाना इलाके के बेलागांव में मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वह शूटर विकास, नेपाली और अन्य गुर्गों के साथ बेलागांव में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए जुटा था। इस बीच पुलिस को जानकारी मिल गई। इसके बाद नौबतपुर, बिहटा, जानीपुर और विक्रम थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। मौके से विकास और अन्य शातिर फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
पुलिस ने अभिषेक के पास से एक पिस्टल, दो लोडेड मैग्जीन, सात राउंड जिंदा कारतूस और लूट की दो बाइकें बरामद की हैं। अभिषेक को पुलिस रिमांड पर भी लेकर पूछताछ करेगी। एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि अभिषेक और उसके गुर्गों ने बिहटा और आसपास के इलाकों को अशांत कर रखा था। उस पर सीसीए का प्रस्ताव भेजा जाएगा। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
बाल-बाल बचे नौबतपुर के थानेदार
- धेराबंदी के बाद पुलिस ने अपराधियों को सरेंडर करने को कहा, लेकिन खुद को घिरता देख अभिषेक और विकास ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। लगभग 10-12 राउंड फायरिंग होने के बाद पुलिस ने अभिषेक को दबोच लिया। इधर दोनों ओर से हो रही फायरिंग में नौबतपुर थानेदार रामाकांत तिवारी बाल-बाल बचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार की दोपहर बंलागांव में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज सुनाई देने लगी। अचानक हुई गोलीबारी की घटना से गांव में दहशत फैल गई। लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। लेकिन तब तक लोगों को भनक लग गई थी कि पुलिस और अपराधियों के बीच फायरिंग हो रही है। हालांकि थोड़ी ही देर के बाद पुलिस ने अभिषेक को दबोच लिया। मालूम हो कि विकास बेलागांव का ही रहने वाला है। पहले भी उसके घर से दर्जनों हथियार बरामद हो चुके हैं। दोनों का कनेक्शन रणवीर सेना से भी रहा है।
रंजीत के जेल जाने के बाद संभाली थी गैंग की कमान
- साल 2017 के सितंबर में पटना पुलिस ने औरंगाबाद से रंजीत चौधरी को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पवन और अभिषेक ने गिरोह की कमान संभाल रखी थी। बीते अप्रैल में पटना पुलिस ने पवन को गिरफ्तार किया था। पवन के साथ मिलकर अभिषेक, विकास और नेपाली ने बिहटा और आसपास के इलाके में लगातार कई घटनाओं को अंजाम दिया था।
लूलन शर्मा की हत्या में था शामिल
- काॅन्ट्रैक्ट किलर अभिषेक को पटना के साथ-साथ भोजपुर की पुलिस भी तलाश रही थी। अभिषेक की तलाश पुलिस को 2015 के सितंबर में हुए लूलन शर्मा हत्याकांड और नौबतपुर के गुनमा में हुए दोहरे हत्याकांड में थी। अभिषेक ने पूछताछ के दौरान लूलन शर्मा और दोहरे हत्याकांड में संलिप्तता स्वीकार की है। एसएसपी ने बताया कि पटना में वारदात को अंजाम देने के बाद अभिषेक यूपी और झारखंड में शरण लेता था।
पहले मनोज गिरोह में था, बाद रंजीत गिरोह का बना शूटर
- पटना जिले के बिहटा इलाके के कुख्यात अपराधी मनोज सिंह व अमित सिंह के साथ मिलकर अभिषेक भी एक गिरोह का संचालन करता था। मनोज सिंह और अभिषेक के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। अभिषेक ने रंजीत गिरोह ज्वाइन किया और जल्द ही उसका खास शूटर बन गया। जेल में बंद पवन चौधरी के साथ मिलकर उसने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। इनमें सर्वाधिक रंगदारी व हत्या के मामले हैं। रंजीत चौधरी के जेल जाने के बाद कुख्यात पवन चौधरी के साथ मिलकर अभिषेक कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। छठ के वक्त लोदीपुर में रंजीत चौधरी का पोस्टर फाड़े जाने के बाद नाराज अभिषेेक ने अपने रिश्तेदार रिटायर्ड फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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