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शुभ योग में शुरू होगा अधिक मास, पूजा और अनुष्ठान के लिए खास है ये महीना

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 05:00 PM IST

अधिक मास में शादियां नहीं होंगी, लेकिन पूजा-पाठ और अनुष्ठान के लिए यह समय शुभ रहेगा।

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रिलिजन डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार 16 मई, बुधवार से ज्येष्ठ का अधिकमास शुरू हो रहा है। इस दिन बुधकृति योग व उच्च का चंद्रमा रहेगा, जो हर काम के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि अधिक मास में शादियां नहीं होंगी, लेकिन पूजा-पाठ और अनुष्ठान के लिए यह समय शुभ रहेगा।

इसलिए शुभ रहेगा अधिक मास
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बावाला के अनुसार, ज्येष्ठ का अधिक मास 16 मई से शुरू होकर 13 जून को समाप्त होगा। अधिक मास के पहले दिन यानी 16 तारीख को बुधवार और इस दिन कृतिका नक्षत्र होने से यह बुधकृति योग कहलाएगा। इसी दिन वृषभ राशि का चंद्रमा होने से उच्च का चंद्रमा रहेगा। जो कि किसी भी कार्य के लिए शुभ माना जाता है। अधिक मास में केवल शादियां नहीं होती। क्योंकि इसी अवधि में मल मास भी रहेगा। मल मास में लग्न के लिए मुहूर्त नहीं होने के कारण विवाह आदि शुभ काम नहीं हो पाएंगे।

भगवान पुरुषोत्तम की भक्ति का समय है अधिक मास
धर्मग्रंथों के अनुसार, अधिक मास को भगवान पुरुषोत्तम ने अपना नाम दिया है। इसलिए इस मास में भगवान पुरुषोत्तम की आराधना करने का विशेष महत्व है। पुरुषोत्तम मास के नियम इस प्रकार हैं...
1. पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत का पाठ करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
2. इस मास में तीर्थों, घरों व मंदिरों में जगह-जगह भगवान की कथा होनी चाहिए।
3. भगवान पुरुषोत्तम यानी विष्णु की विशेष रूप से पूजा होनी चाहिए

16 मई को ये उपाय करें

अधिक मास के पहले दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा का अभिषेक केसर मिश्रित दूध से करें। यह अभिषेक अगर दक्षिणावर्ती शंख से किया जाए तो देवी लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है और धन लाभ के योग बन सकते हैं।

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