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16 मई से अधिक मास तो 17 से शुरू होगा रमजान, बन रहे हैं दूसरे भी संयोग

अधिक मास 16 मई से शुरू होकर 13 जून तक चलेगा। रमजान माह चांद दिखने पर 17 मई से शुरू होगा।

Danik Bhaskar | Apr 26, 2018, 06:04 PM IST

रिलिजन डेस्क। मई में दो धर्म के प्रमुख त्योहार इस बार एक साथ आ रहे हैं। 3 साल बाद हिंदुओं का अधिक मास आ रहा है तो मुस्लिमों का पवित्र रमजान माह 11 दिन पहले शुरू हो जाएगा। पूजा व इबादत के इस संयोग में दोनों धर्म के लोग एक साथ पर्व मनाएंगे। अधिक मास में मंदिरों-आश्रमों में लोग पूजा-पाठ, जप-अनुष्ठान और कथा-प्रवचन करेंगे तो रमजान में मस्जिदों में नमाज व इबादत के साथ दुआ मांगने का दौर चलेगा। अधिक मास 16 मई से शुरू होकर 13 जून तक चलेगा। रमजान माह चांद दिखने पर 17 मई से शुरू होगा।

इस बार होगा ज्येष्ठ का अधिकमास
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं.अमर डिब्बावाला ने बताया अधिक मास हर 3 साल में एक बार आता है। इसके पहले वर्ष 2015 में आषाढ़ मास में अधिक मास आया था। इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिक मास रहेगा। उ्ज्जैन जिला हज कमेटी के अध्यक्ष नईम खान ने बताया कि रमजान माह की शुरुआत चांद दिखने के साथ मानी जाती है। कुछ वर्ष के अंतराल में माह शुरू होने के दिन कभी घटते कभी बढ़ते रहते हैं। वर्ष 2014 से 2016 तक रमजान माह जून माह में आया था।
वर्ष 2017 में रमजान माह 28 मई से शुरू हुआ था। इस बार 11 दिन पहले यानी 17 मई को शुरू होगा। यदि 16 मई की रात चांद दिखता है तो मस्जिदों में तरावी की नमाज अदा कर रमजान शुरू होने की घोषणा होगी। चांद नहीं दिखा तो पर्व एक दिन बाद माना जाएगा। 17 मई से रोजे शुरू हो जाएंगे। चांद के आधार पर पर्व की शुरुआत भले ही एक-दो दिन आगे-पीछे हो सकती है लेकिन संयोग से दोनों त्योहार एक माह तक चलते हैं जो इस बार एक साथ मनाए जाएंगे।


30 अप्रैल को वैशाख पूर्णिमा, 1 मई को शब-ए-बारात
यह भी संयोग रहेगा कि 30 अप्रैल को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा तो इसके अगले दिन शब-ए-बारात का त्योहार रहेगा। वैशाख पूर्णिमा हिंदुओं के लिए धर्म-कर्म, पूजा-पाठ, पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य के लिए बड़ा पर्व माना जाता है। वहीं शब-ए-बारात का दिन मुस्लिम समाज के लिए खुदा की इबादत का मुख्य दिन होता है।