विज्ञापन

अधिक मास 16 मई से: 13 जून तक रखें 6 बातों का ध्यान, क्या करें-क्या नहीं

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 05:00 PM IST

हमारे ग्रंथों में अधिक मास से संबंधित कई नियम बताए गए हैं।

Adhik Mass, Purushottam Mass, Mal Maas, Lord Vishnu, अधिक मास, पुरुषोत्तम मास, मल मास, भगवान विष्णु
  • comment

रिलिजन डेस्क। इस बार 16 मई, बुधवार से ज्येष्ठ का अधिक मास प्रारंभ हो रहा है, जो 13 जून, बुधवार तक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, हमारे धर्म ग्रंथों में अधिक मास से संबंधित कई नियम बताए गए हैं। यह नियम हमारे खान-पान से लेकर व्यवहार को भी प्रभावित करते हैं। इस महीने में कुछ विशेष काम करने से शुभ फल मिलते हैं, वहीं कुछ काम करने की मनाही है। आज हम आपको उन्हीं कामों के बारे में बता रहे हैं-


महर्षि वाल्मीकि ने अधिक मास के नियमों के संबंध में कहा है कि-
1.
अधिक मास में सफेद धान, मूंग, जौ, तिल, मटर, बथुआ, शहतूत, ककड़ी, केला, घी, कटहल, आम, हर्रे, पीपल, जीरा, सौंठ, इमली, सुपारी, आंवला, सेंधा नमक नहीं खाना चाहिए।

2. इनके अतिरिक्त मांस, शहद, चावल का मांड, चौलाई, उरद, प्याज, लहसुन, नागरमोथा, गाजर, मूली, राई, नशे की चीजें, दाल, तिल का तेल और दूषित अन्न का त्याग करना चाहिए।

3. तांबे के बर्तन में रखा गाय का दूध नहीं पीना चाहिए। इस महीने में केवल अपने लिए ही पकाया हुआ अन्न दूषित माना गया है। इसलिए अकेले भोजन नहीं करना चाहिए। जो भी भोजन बनाएं, उसका कुछ हिस्सा दूसरों को भी देना चाहिए।

4. पुरुषोत्तम मास में जमीन पर सोना, पत्तल पर भोजन करना, शाम को एक वक्त खाना, इन नियमों का पालन भी करना चाहिए।

5. इस महीने में रजस्वला स्त्री से दूर रहना चाहिए और धर्मभ्रष्ट संस्कारहीन लोगों से संपर्क नहीं रखना चाहिए।

6. किसी से भी वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। देवता, वेद, ब्राह्मण, गुरु, गाय, साधु-सन्यांसी, स्त्री और बड़े लोगों की निंदा नहीं करनी चाहिए।

X
Adhik Mass, Purushottam Mass, Mal Maas, Lord Vishnu, अधिक मास, पुरुषोत्तम मास, मल मास, भगवान विष्णु
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें