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डाउनलोड करेंअदिति राव हैदरी इन दिनों फिल्म मेकर मणिरत्नम की अगली फिल्म के अलावा दो तेलुगूफिल्मों में भी काम कर रही हैं। वे जल्दी ही अपने अगले प्रोजेक्ट की अनाउंसमेंट भी करने वाली हैं। इस बातचीत में अदिति ने क्रिटिसिज्म (आलोचना) और ट्रोलर्स के साथ डील करने के तरीकों के अलावा यह भी बताया कि उनके लिए किसके रिएक्शन कितनी इम्पोर्टेंस रखते हैं...
आप क्रिटिसिज्म और ट्रोलर्स से किस तरह डील करती हैं?
मैं मानती हूं कि जो लोग आपकी परवाह करते हैं और आपकी भलाई चाहते हैं, उनके क्रिटिसिज्म के लिए हमें हमेशा ओपन रहना चाहिए। अगर कोई आपकी भलाई के लिए आपको क्रिटिसाइज कर रहा है तो हमें सुनना चाहिए। ...पर अगर कोई आपको नीचे गिराने या आपके उत्साह को खत्म करने के लिए आपको क्रिटिसाइज करता है तब तो आपको उसे अहमियत नहीं देनी चाहिए। एक कलाकार के तौर पर मैं यह जानने की कोशिश करती हूं कि वाकई में कौन मेरे काम को लेकर मुझे क्रिटिसाइज कर रहा है। यही क्रिटिसिज्म मुझे एक व्यक्ति और कलाकार के तौर पर अच्छा बनाएगी। अक्सर, ये वे लोग होते हैं, जिनका आप सम्मान करते हैं। कभी-कभी कोई आलोचना आपको बेहतर बनाती है, लेकिन यदि यह आपको नुकसान पहुंचा रही है तो वह योग्य नहीं है। जहां तक ट्रोलर्स की बात है तो मैं उन्हें अनदेखा कर देती हूं, क्योंकि मेरे पास प्रशंसकों के तौर पर कई प्यारे लोग भी हैं। नॉर्मली मैं गुस्सा नहीं करती हूं। मेरी मां कहती है कि आपको हमेशा लोगों के साथ अच्छे से रहना चाहिए पर अगर कोई बार-बार आपके साथ खराब व्यवहार करे तो यह उनकी प्रॉब्लम है।
आपके लिए किसका रिएक्शन सबसे ज्यादा महत्व रखता है?
मैं हमेशा अपनी मां और नानी की सुनती हूं। दोनों मुझे बेहद प्यार करते हैं और हमेशा चाहते हैं कि मैं अच्छा करूं। इनके अलावा मैं अपनी डांस-टीचर के रिएक्शंस नोटिस करती हूं। मैं पांच साल की उम्र से उनसे डांस सीख रही हूं। वो मेरी लाइफ की वो शख्स हैं जिनपर मैं पूरा विश्वास करती हूं और इसके बाद मणि सर (मणिरत्नम) की प्रतिक्रियाएं लेती हूं, जिन्हें मैं अपना मेंटर भी मानती हूं। इनके अलावा संजय लीला भंसाली और आनंद एल राय हैं, जिनके जजमेंट्स की मैं कद्र करती हूं। आप उन्हें केवल ऐसे ही नहीं सुन सकते... उन्हें सुनने के बाद आपको अपने आप में बदलाव भी लाने होंगे।
बॉक्स-ऑफिस के स्तर पर भी रिएक्शंस को नापा-तौला जाता है। क्या आप उन पर विश्वास करती हैं?
मैं नंबर्स पर विश्वास करती हूं, क्योंकि यह इम्पोर्टेंट है कि लोग अच्छा करें। लोग पैसा बनाते हैं तो वे और ज्यादा फिल्में बना सकते हैं लेकिन अच्छा सिनेमा बनाना भी प्राथमिकता होना चाहिए। यदि आप वैसा करते हैं तो वह फिल्म बॉक्स-आॅफिस पर भी अच्छा करेगी। हमें यादगार सिनेमा बनाने के लिए काम करना चाहिए जो वर्षों बाद भी बचा रहेगा।
अपकमिंग प्रोजेक्ट्स?
एक बार फिर मैं मणिरत्नम सर के साथ काम कर रही हूं और उनकी फिल्म के अलावा मुझे दो और तेलुगू फिल्में मिली हैं। मणि सर बड़े गजब के इंसान हैं, जो मेरे अंदर से मेरा बेस्ट बाहर लेकर आते हैं। जिन दो तेलुगू निर्देशकों के साथ मैं काम करने जा रही हूं, उन दोनों को नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। गर्मियों के बाद एक नए हिंदी प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रही हूं।
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