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रत्नागिरी रिफाइनरी प्रोजेक्ट में एडनॉक की 25% हिस्सेदारी होगी, निवेश के लिए साइन किया एग्रीमेंट

सऊदी अरामको की हिस्सेदारी घटकर 25% रह जाएगी, इससे पहले 50 फीसदी थी

Danik Bhaskar

Jun 25, 2018, 02:54 PM IST
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र
  • एडनॉक अबू धाबी की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी है
  • रत्नागिरी प्रोजेक्ट में उच्च क्षमता वाले पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का उत्पादन किया जाएगा

नई दिल्ली. रत्नागिरी रिफाइनरी प्रोजेक्ट में निवेश के लिए अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडनॉक) ने सऊदी अरामको के साथ एग्रीमेंट किया है। इस प्रोजेक्ट में एडनॉक 25% का पार्टनर होगा। सऊदी अरामको अपने 50% शेयर का आधा हिस्सा एडनॉक को बेचेगी। इस तरह दोनों के पास 25-25 फीसदी शेयर रहेगा। दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको ने अप्रैल में रत्नागिरी रिफाइनरी प्रोजेक्ट में 50% पार्टनरशिप के लिए भारत सरकार के साथ एमओयू साइन किया था। अरामको ने उसी वक्त साफ कर दिया था कि वो अपना आधा हिस्सा बेचने के लिए दूसरे निवेशक तलाशेगी। इसी के तहत एडनॉक को पार्टनर बनाया जा रहा है।

रत्नागिरी प्रोजेक्ट के पार्टनर

कंपनी हिस्सेदारी
सऊदी अरामको 25%
एडनॉक 25%
आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल 50%

2022 तक प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक सऊदी अरामको ने इस बात का भरोसा दिया है। इससे पहले 2025 तक शुरुआत होने की उम्मीद जताई गई थी। रत्नागिरी प्रोजेक्ट को लेकर शिवसेना के विरोध के सवाल पर प्रधान ने कहा कि वो खुद जाकर उद्धव ठाकरे से मिलेंगे और जमीन अधिग्रहण को लेकर उनकी जो भी चिंताएं हैं उन्हें दूर करने की कोशिश करेंगे। किसानों के हक का सम्मान किया जाएगा और सभी पक्षों से चर्चा की जाएगी। ये प्रोजेक्ट नया इतिहास रचेगा और देश की जनता के लिए फायदेमंद होगा। एडनॉक के साथ एग्रीमेंट पिछले महीने यूएई में होना था जब पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान वहां दौरे पर गए थे लेकिन उस वक्त ये किसी वजह से टल गया था।

प्रस्तावित रत्नागिरि प्रोजेक्ट 5 बड़ी बातें

1) दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट होगा

2) 44 बिलियन डॉलर (करीब 2.90 लाख करोड़) की योजना

3) 6 करोड़ टन सालाना उत्पादन की क्षमता होगी

4) पहली निवेशक सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी है

5) दूसरी निवेशक एडनॉक अबू धाबी की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी है

भारत में बड़ा दांव लगाने की वजह

दूसरे तेल उत्पादकों की तरह अरामको और एडनॉक भी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है जो अपनी जरूरतों का 80% से ज्यादा कच्चा तेल इंपोर्ट करता है। 2016-17 तक सऊदी अरब भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर था, लेकिन पिछले वित्त वर्ष में इराक से पीछे हो गया।

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