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Karnataka Chunav 2018: कर्नाटक चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के नेता मोहन प्रकाश ने EVMs पर उठाए सवाल

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/बेंगलुरु. कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की हार हो चुकी है। हालांकि, नतीजों की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। साथ ही सरकार बनाने को लेकर मशक्कत भी जारी है। लेकिन, उत्तर प्रदेश और गुजरात चुनावों की तरह ही एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVMs का मुद्दा एक बार फिर उठता नजर आ रहा है। खास बात ये है कि इस बार कांग्रेस के एक सीनियर लीडर और पार्टी महासचिव मोहन प्रकाश ने EVM को लेकर सवालिया निशान लगाए हैं। मोहन प्रकाश ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा- EVMs पर तो सभी पॉलिटिकल पार्टीज सवाल उठा रही हैं, तो फिर बीजेपी बैलट पेपर से ही चुनाव क्यों नहीं करा लेती। 

और क्या कहा मोहन प्रकाश ने?
- मोहन प्रकाश कांग्रेस के काफी सीनियर लीडर हैं। फिलहाल, वो पार्टी के जनरल सेक्रेटरी यानी महासचिव भी हैं। कर्नाटक चुनाव नतीजों की तस्वीर साफ होने के बाद न्यूज एजेंसी से बातचीत में मोहन प्रकाश ने इशारों-इशारों में EVMs पर सवाल उठा दिए। 
- प्रकाश ने कहा- मैं तो पहले ही दिन से कह रहा हूं। देश में ऐसी कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है जिसने EVMs पर सवाल न उठाए हों। बीजेपी भी तो ऐसा ही कर चुकी है। अब जबकि सभी पार्टियां EVMs पर सवाल उठा रही हैं तो भारतीय जनता पार्टी को चुनाव बैलट पेपर से कराने में दिक्कत क्या है? 

और किन नेताओं ने उठाए ईवीएम पर सवाल?
- 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद कांग्रेस के नेता और असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने भी साफ तौर पर कहा था कि उनकी पार्टी की हार की वजह ईवीएम है। 
- राष्ट्रीय जनता दल के चीफ लालू प्रसाद यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वक्त-वक्त पर इलेक्ट्रॅानिक वोटिंग के इस्तेमाल पर सवाल उठाते रहे हैं। यूपी चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद मायावती ने हार का पूरा ठीकरा ही ईवीएम पर फोड़ दिया था। 
- आम आदमी पार्टी के चीफ और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के एक मंत्री ने तो ईवीएम को बाकायदा हैक करने का दावा किया था। 
- हालांकि, जब चुनाव आयोग ने उन्हें जब ऐसा करने की चुनौती दी तो वो पीछे हट गए थे। बाद में चुनाव आयोग ने ईवीएम के साथ वीवीपैट की सुविधा दी थी। इसमें वोट डालने के बाद मतदाता को एक पर्ची मिलती है जिसके जरिए वो पता कर सकता है कि उसने जो बटन दबाया है, वोट उसी कैंडिडेट को गया है, या नहीं।

 

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