पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • After MBBS Doctors Will Have To Do One Year Job In Jharkhand Rural Areas

झारखंड: MBBS करने वाले डॉक्टरों को एक साल करनी होगी ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

रांची. झारखंड के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को एक साल गांवों में सेवा देनी होगी। इसके लिए एडमिशन के समय ही बॉन्ड भरवाया जाएगा। इसका उल्लंघन करने पर 10 लाख रुपए जुर्माना लगेगा। यह प्रस्ताव जल्दी ही कैबिनेट में लाया जाएगा। इसे इसी सत्र से लागू करने की योजना है। अभी ऐसा ही नियम पीजी करने वाले डॉक्टरों पर लागू है। उन्हें अनिवार्य रूप से राज्य में तीन साल की सेवा देनी है। उल्लंघन करने पर 30 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। पीजी छात्रों से अभी पिछले सत्रों से ही  बॉन्ड भरवाया जा रहा है, जिसका विरोध हो रहा है। 

 

सहायक चिकित्सा पदाधिकारी बनाए जाएंगे

- प्रस्ताव में कहा गया है कि एमबीबीएस और इंटर्नशिप पूरा करने वाले डॉक्टरों को एक साल के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सहायक चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में तैनात किया जाएगा। उन्हें 51 हजार रुपए वेतन मिलेगा। राज्य के मेडिकल कॉलेजों से अभी हर साल 350 डॉक्टर निकलते हैं। इनमें से अधिकतर बाहर चले जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यह प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है।

 

क्या पड़ेगा असर

- हर साल 350 डॉक्टर मिलेंगे, जिनकी पोस्टिंग ग्रामीण क्षेत्रों में की जा सकेगी।
- झारखंड में 6000 डॉक्टरों की जरूरत, हैं सिर्फ 2400 डॉक्टर।
- खर्च सरकार उठाती है, लाभ् नहीं होता।

 

मेडिकल कालेजों की स्थिति

रिम्स रांची - 150 सीट
पीएमसीएच धनबाद-   100 सीट
एमजीएम जमशेदपुर-  100 सीट
 

खबरें और भी हैं...