Hindi News »Business» Air India Pilots Asked To Management Is Airlines Safe Amid Salary Delay

एयर इंडिया के पायलट्स ने यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता जताई, मैनेजमेंट से पूछा- क्या उड़ानों के लिए पर्याप्त फंड है?

पायलट्स का कहना है कि प्रबंधन ने वेतन में देरी की जानकारी तक नहीं दी

DainikBhaskar.com | Last Modified - Aug 11, 2018, 12:26 PM IST

एयर इंडिया के पायलट्स ने यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता जताई, मैनेजमेंट से पूछा- क्या उड़ानों के लिए पर्याप्त फंड है?

नई दिल्ली. एयर इंडिया के पायलटों ने यात्रियों और उड़ानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि वित्तीय अनिश्चितता की वजह से कर्मचारियों में हताशा, चिंता और तनाव बना हुआ है। इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) ने शुक्रवार को प्रबंधन को पत्र लिखकर पूछा कि एयरलाइन के पास नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है या नहीं। यह सवाल इसलिए किया क्योंकि लगातार पांचवें महीने सैलरी में देरी हुई है। जुलाई का वेतन अभी तक नहीं मिला।

एयर इंडिया के पायलटों की नाराजगी निजी एयरलाइन जेट एयरवेज के वित्तीय नतीजे टालने के दूसरे दिन सामने आई। जेट ने कहा कि ऑडिट कमेटी ने वित्तीय नतीजे अप्रूव करने की सिफारिश नहीं की। यह दोनों एयरलाइंस वित्तीय घाटे के दौर से गुजर रही हैं। ऐसे में स्टाफ के मन में कई तरह की शंकाएं हैं। विदेशी उड़ानों में पिछले साल एयर इंडिया और जेट एयरवेज की हिस्सेदारी 30.5% रही। 2017 में कुल 5.9 करोड़ इंटरनेशनल उडानों में से 1.8 करोड़ इन दोनों ने भरीं। घरेलू बाजार में दोनों का मार्केट शेयर 28% है।
51,000 करोड़ के घाटे में है एयर इंडिया: एयरलाइंस का घाटा लगातार 8 साल तक बढ़ता रहा और 51,000 करोड़ रुपए पहुंच गया। हालांकि, 2015-16 में एयरलाइंस ने 105 करोड़ के मुनाफे की जानकारी दी, लेकिन कैग ने जनवरी 2017 की रिपोर्ट में इसे 321 करोड़ का घाटा माना।
76% हिस्सेदारी के लिए नहीं मिला खरीदार :कर्ज में डूबी एअर इंडिया को खरीदने के लिए कोई आगे नहीं आया। सरकार ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के लिए डेडलाइन 14 मई से बढ़ाकर 31 मई की थी, लेकिन फिर भी किसी ने रुचि नहीं दिखाई।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Business

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×