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मुस्लिम कर्मचारी का बचाव नहीं करने के आरोप पर एयरटेल ने कहा-हम धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करते

18 जून को एयरटेल की एक कस्टमर ने मुस्लिम एग्जीक्यूटिव से मदद लेने से मना कर दिया था।

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2018, 09:44 PM IST
कंपनी ने कहा कि वह बीते 23 साल से कंपनी ने कहा कि वह बीते 23 साल से

नई दिल्ली. टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने बुधवार को मुस्लिम कर्मचारी का बचाव नहीं करने के आरोप को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि वह धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती। एयरटेल पर आरोप था कि उपभोक्ता के मुस्लिम कर्मचारी से बात करने से इनकार करने के बाद उसे दूसरा एग्जीक्यूटिव उपलब्ध कराया गया। इस मामले पर सोशल मीडिया पर कंपनी की आलोचना हुई। हालांकि, कंपनी ने एग्जीक्यूटिव बदले जाने की प्रक्रिया को सामान्य बताया है।


एयरटेल ने सफाई दी कि वह किसी भी धार्मिक कट्‌टरता के आगे नहीं झुकी है। बीते 24 घंटों में बहुत कुछ कहा गया है, जो झूठ और गलत है। हम कभी भी धर्म, संप्रदाय या जाति के आधार पर किसी भी भेदभाव को स्वीकार नहीं करते। हम अपने एग्जीक्यूटिव को हमेशा ट्रेनिंग देते रहेंगे कि वो दुनिया को किसी भी तरह के भेदभाव के बिना देखें। कंपनी ने माना कि उनके कर्मचारी गगनजोत और शोएब को इस घटना से कड़वा अनुभव हुआ होगा कि उनकी धार्मिक पहचान काम से अधिक मायने रखती है।


उपभोक्ता ने हिंदू कर्मचारी से बात करने के लिए कहा था: 18 मई को एक कस्टमर ने एयरटेल के ट्विटर हैंडल पर डिश टीवी संबंधित शिकायत की थी। जवाब में कंपनी के एक मुस्लिम एग्जीक्यूटिव शोएब ने समस्या को जल्द हल करने की जानकारी दी। एग्जीक्यूटिव का नाम देख कस्टमर ने हिंदू एग्जीक्यूटिव से बात करने के लिए कहा। दूसरे कर्मचारी गगनजोत ने बाद में कस्टमर की समस्या हल करने का आश्वासन दिया। इस वाकये को सोशल मीडिया पर धार्मिक भेदभाव की नजर से देखा गया। आम लोगों के साथ कई नेताओं ने भी एयरटेल पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया।

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कंपनी ने कहा कि वह बीते 23 साल से कंपनी ने कहा कि वह बीते 23 साल से
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