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अाजसू ने राेकी रघुवर की राह, जातीय पेंच में फंसे रवींद्र, दीपक भाजपा प्रत्याशी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश पर पार्टी ने 15 दिन के भीतर दूसरी बार भराेसा जताया है। 25 फरवरी काे उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया ताे बुधवार काे उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी घाेषित कर दिया। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व सांसद रवींद्र राय अाैर दीपक प्रकाश टिकट की दाैड़ में थे। लेकिन अाजसू ने रघुवर की राह राेक दी ताे बिहार से विवेक ठाकुर का नाम फाइनल हाेने के बाद रवींद्र राय का नाम जातिगत समीकरण के कारण उलझ गया। अाैर दीपक प्रकाश काे प्रत्याशी घाेषित कर दिया गया।
पार्टी सूत्राें के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व का संकेत मिल रहा था कि रघुवर दास के नाम पर अाजसू अंतिम समय में भी वाेट डालने से बिदक सकता है। भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय विधायक बने अमित यादव काे भी भराेसे में लेना मुश्किल हाे रहा था। क्याेंकि इनका टिकट कटने के पीछे रघुवर दास काे जिम्मेदार माना जा रहा था। रघुवर दास के नाम पर काेई भी नेता सरयू राय से भी समर्थन मांगने काे तैयार नहीं था। यही कारण रहा कि रघुवर दास टिकट की दाैड़ में पिछड़ गए। उधर, बिहार से भाजपा ने डाॅ. सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर काे उम्मीदवार बना दिया। जानकाराें का कहना है कि चूंकि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव हाेना है। वहां इस जाति के मतदाताअाें में भाजपा के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। इसी काे दूर करने के लिए विवेक ठाकुर काे प्रत्याशी बनाया गया। इसी कारण जाति समीकरण में फंसकर झारखंड से रवींद्र राय का टिकट कट गया।
10 महीने में गुरुजी की संपत्ति 24 लाख बढ़ी
शिबू साेरेन ने शपथ पत्र में कुल संपत्ति 7.5 कराेड़ रुपए बताई है। अप्रैल 2019 में दुमका लाेकसभा सीट से चुनाव लड़ते समय उन्हाेंने कुल संपत्ति 7.26 कराेड़ बताई थी। अप्रैल 2019 में उन्हाेंने अपनी अचल संपत्ति 5.45 कराेड़ अाैर चल संपत्ति 2,29,67,962 रुपए बताई थी। शेष पेज 12 पर
तीसरी बार राज्यसभा जाने के लिए गुरुजी ने भरा नामांकन
रांची | झारखंड में राज्यसभा की दाे सीटाें पर हाेने वाले चुनाव के लिए झामुमाे सुप्रीमाे शिबू साेरेन ने पहला नामांकन किया। उन्हाेंने बुधवार काे विधानसभा सचिव के कार्यालय में राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। इससे पहले वह 1998 अाैर 2002 में राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। अब तीसरी बार भी उनका चुना जाना लगभग तय है। पहले सेट के नामांकन में झामुमाे के 10 विधायक उनके प्रस्तावक बने हैं। ये हैं- जगरनाथ महतो, दिनेश विलियम मरांडी, मिथलेश कुमार ठाकुर, जिगा सुशासन होरो, निरल पूर्ति, भूषण तिर्की, विकास कुमार मुंडा, रामदास सोरेन, संजीव सरदार और समीर कुमार मोहंती। नामांकन के वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, ग्रामीण विकास मंत्री अालमगीर अालम आदि मौजूद थे।
चुनाव में जीत का गणित
झारखंड में मतदाताओं (विधायकों) की कुल संख्या 80 है। प्रथम वरीयता के मतों की गणना में एक मतदाता के मत का मूल्य 100 माना जाता है। इस तरह कुल मतदाताओं के मतों का मूल्य 8000 हो जाता है। इसे कुल सीट (2) प्लस वन से भाग देकर प्रथम वरीयता से जीत के लिए जरूरी अंक की गणना की जाती है, जो 2666 होता है। इसमें एक अंक जोड़ने पर अानेवाला 2667 अंक प्रथम वरीयता से जीत का जादुई अांकड़ा होता है। इस तरह 27 विधायकों का सीधा समर्थन मिलनेवाला प्रत्याशी प्रथम वरीयता के मत से विजयी घोषित हो जाएगा।
पर्चा भरते झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन।