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डाउनलोड करेंश्योपुर/नागदा. अक्षय तृतीया के मौके पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन में कई जोड़ों की शादियां कराई गई। इस दौरान श्योपुर और नागदा में दिलचस्प सीन देखने को मिले। पहला मामला श्योपुर का है जहां मंडप में दूल्हे के इंतजार में दुल्हनें बैठी रहीं। कुछ दूल्हें देरी से आए तो उनके फेरे नहीं हो सके। उधर, दूसरा मामला नागदा का है जहां सामूहिक विवाह सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के बड़े पोते की शादी हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जमकर डांस करते दिखे।
इंतजार में बैठी रही दुल्हनें, कुछ देरी से आए तो नहीं हो सके फेरे
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत बुधवार को सामूहिक विवाह सम्मेलन में 426 शादियां कराई गईं। इस दौरान कुछ जगह दुल्हन मंडप में बैठकर दूल्हे का इंतजार करती रहीं तो कुछ दूल्हे फेरों के समय तक पहुंचे ही नहीं। वहीं मंडप में फेरे कराने के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, उनके न पहुंचने से दूल्हा-दुल्हन को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार मंडप क्रमांक 135 पर दो जोड़े बैठे थे। इनमें नगदी गांव की दुल्हन निशा दूल्हे के इंतजार में थी। लेकिन दूल्हा रामकिशन फेरों के समय नहीं पहुंचा। दुल्हन के पिता दूल्हे वालों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश करते रहे। लेकिन उनका फोन तक नहीं लगा।
ट्रैक्टर में दुल्हन लेकर निकले केंद्रीय मंत्री के पोते, जमकर नाचे गेहलोत
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने विवाह समारोह में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का बड़ा उदाहरण पेश किया। बुधवार को नागदा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में गेहलोत के बड़े पोते मनीष का विवाह हुआ। मुख्य मार्ग से निकले 110 जोड़ों के बनोले में अन्य जोड़ों के साथ मनीष भी दुल्हन रेखा के साथ ट्रैक्टर में परिजन के साथ सवार थे। वर निकासी के दौरान गेहलोत ने भी जमकर डांस किया। गेहलोत के छोटे पोते देवेंद्र का विवाह भी 29 अप्रैल को ताल में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में ही होगा।
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