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डाउनलोड करेंअलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन ने पिछले 16 दिन से जारी अपना धरना बुधवार देर रात समाप्त कर दिया। अब सांकेतिक धरना जारी रहेगा। एएमयू स्टूडेंट्स का धरना यूनिवर्सिटी के वीसी तारिक मंसूर ने छात्रों को जूस पिलाकर ख़त्म करवाया। साथ ही जेएनयू से गायब स्टूडेंट नजीब की मां भी स्टूडेंट्स का धरना ख़त्म कराने अलीगढ़ पहुंची थी।
क्या कहना है यूनियन का ?
-अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन प्रेसिडेंट अध्यक्ष मशकूर उस्मानी ने बताया कि पिछले 2 मई को हिंदुवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने एएमयू परिसर में आकर अराजकता की थी। जब छात्रों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज कर दिया इसको लेकर छात्र अपनी मांगीं को लेकर धरने पर बैठ गए, मांगे नही माने नही माने जाने पर 2 मई से हमने धरना शुरू किया था।
-पिछले पांच दिन से छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। आज हमसे वीसी, शिक्षकों ने जिला प्रशासन द्वारा सभी मांग माने जाने का आश्वासन दिया और जेएनयू से लापता छात्र नजीब की माता जी ने बुधवार सुबह आकर भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया तो हम ने मां की मांग को मान कर भूख हड़ताल खत्म कर दिया है लेकिन जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं हमारा सांकेतिक धरना जारी रहेगा। हमारा एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगे रखेंगे। अगर हमारी मांग नही मानी गयी तो हम इस लड़ाई को आगे तक लड़ेंगे।
भूखे पेट नहीं होती है लड़ाई
-बुधवार सुबह पहुंची नजीब की मां के मनाने पर देर रात बुधवार को स्टूडेंट्स ने अपना धरना ख़त्म किया। नजीब की मां ने कहा भूखे पेट कोई भी लड़ाई नही लड़ी नही जा सकती। मैंने बच्चों से आकर आग्रह किया ओर उन्होंने मेरी बात मान ली और भूख हड़ताल ख़त्म कर दी है।
क्या कहना है वीसी का ?
-एएमयू वीसी डॉ। तारिक मंसूर ने बताया कि जिला प्रशासन ने छात्रों की मांग मान ली है और मांगों के बारे में जिला प्रशासन से बात कर ली जाएगी। बुधवार रात को मैंने धरनास्थल पर पहुंच कर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को मिठाई खिलाकर और जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म करा दी है।
भाजपा सांसद की चिट्ठी से शुरू हुआ था जिन्ना विवाद
-विवाद भाजपा सांसद और एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम की चिट्ठी से शुरू हुआ था। छात्रसंघ हॉल में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने 26 अप्रैल को वीसी प्रो तारिक मंसूर को पत्र लिखा।
-30 अप्रैल को पत्र सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की। वहीं, एएमयू छात्र संघ इसे नहीं हटाने पर अड़ा है। तस्वीर हटाने के लिए हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ता बुधवार को एएमयू कैंपस में घुस गए थे। इस दौरान हुए लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए थे।
क्या है प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग?
- अलीगढ़ में धरना दे रहे छात्रों की मांग है कि जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए बुधवार को कैंपस में घुसे हिंदू युवा वाहिनी के लोगों को गिरफ्तार किया जाए और मामले की न्यायिक जांच हो। जिन्ना प्रकरण को तूल देने के लिए सोशल मीडिया पर समर्थन व विरोध में लगातार मैसेज, फोटो व वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।
1938 में एएमयू आए थे जिन्ना
बता दें कि एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना सहित 30 हस्तियों की तस्वीरें लगी हैं। जिन्ना 1938 में एएमयू आए थे। तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी। 1920 में एएमयू के गठन के वक्त महात्मा गांधी पहले मानद सदस्य थे।
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