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वोडाफोन-आइडिया मर्जर: क्या पुराने ग्राहकों को सिम और प्लान्स बदलने की जरुरत पड़ेगी? ऐसे ही 10 सवालों के जवाब

इस मर्जर के बाद मार्केट में प्राइस वार छिड़ने की उम्मीद है, जिसका फायदा ग्राहकों को होगा।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jul 12, 2018, 03:39 PM IST

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    गैजेट डेस्क. देश की दूसरे और तीसरे नंबर की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां वोडाफोन और आइडिया के मर्जर को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी का क्या नाम होगा, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार नई कंपनी का नाम 'वोडाफोन आइडिया लिमिटेड' हो सकता है। वोडाफोन-आइडिया मर्जर को टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने सशर्त मंजूरी देते हुए आइडिया सेल्युलर से वोडाफोन स्पेक्ट्रम के लिए 3 हजार 926 करोड़ रुपए कैश और बैंक गारंटी के तौर पर 3 हजार 942 करोड़ रुपए भुगतान करने को कहा है।

    मीडिया सूत्रों के मुताबिक, नई कंपनी में वोडाफोन इंडिया के पास 45.1%, आदित्य बिरला ग्रुप के पास 26% और आइडिया के शेयर होल्डर्स के पास 28.9% की हिस्सेदारी होगी। इस हिसाब से आइडिया की हिस्सेदारी नई कंपनी में 54.9% की होगी। इन सबके अलावा भी वोडाफोन-आइडिया के यूजर्स के मन में कई सवाल होंगे, जिसके लिए हमने वोडाफोन, आइडिया, एयरटेल और रिलायंस जियो के अधिकारी से बात की।

    सवाल 1. वोडाफोन-आइडिया मर्जर के बाद क्या नई सिम लेनी होगी?
    जवाब :
    नहीं। इसका कारण है कि दो साल पहले से ही 4जी सपोर्टेड सिम चलन में आ चुकी है। इसलिए इस बार पुरानी सिम बदलने की कोई जरुरत नहीं लगती। हां, ब्रांडिग बदलेगी तो अगले दो महीने में नई कंपनी की नई सिम मिल सकती है।अगर पुरानी सिम को बदला भी जाएगा तो यह काम फेज वाइस होगा।

    सवाल 2. मर्जर के बाद नई कंपनी का चेयरमैन कौन होगा?
    जवाब :
    मर्जर के बाद आदित्य बिरला ग्रुप के पास नई कंपनी का चेयरमैन नियुक्त करने का अधिकार होगा। माना जा रहा है कि आदित्य बिरला ही नई कंपनी के चेयरमैन होंगे। हालांकि वोडाफोन के पास इस नई कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर को नियुक्त करने का अधिकार होगा। वहीं कंपनी के सीओओ और सीईओ वोडाफोन-आइडिया की सहमति से नियुक्त होंगे।

    सवाल 3: क्या मर्जर से वोडाफोन-आइडिया मार्केट शेयर पर भी असर पड़ेगा?
    जवाब :
    हां, इस मर्जर के बाद दोनों कंपनियों एक हो जाएंगी, जिससे नई कंपनी का मार्केट शेयर 41% तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही ये देश की पहली ऐसी कंपनी बन जाएगी, जिसकी कीमत 23 अरब डॉलर (करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए) होगी।

    सवाल 4. फायदा किसे होगा, वोडाफोन या आइडिया को?
    जवाब :
    टेलीकॉम एक्सपर्ट ने बताया कि इस मर्जर के बाद दोनों कंपनियों को सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि नई कंपनी के पास पहले दिन से ही 43 करोड़ से ज्यादा ग्राहक होंगे और ये देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन जाएगी। इसके अलावा वोडाफोन को शहरी इलाकों में और आइडिया को ग्रामीण इलाकों में अच्छा माना जाता है और दोनों के साथ आने से नई कंपनी का ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में अच्छा मार्केट हो जाएगा।

    सवाल 5. इससे ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
    जवाब :
    इस मर्जर के बाद सबसे ज्यादा फायदा ग्राहकों को ही होगा, क्योंकि इससे मार्केट में प्राइस वार छिड़ने की उम्मीद है। रिलायंस जियो के आने के बाद जो प्राइस वार शुरू हुआ था, उससे सबसे ज्यादा नुकसान आइडिया और वोडाफोन को ही हुआ। अब नई कंपनी बनने के बाद ग्राहकों को पहले से कई गुना सस्ती दर पर डेटा, वॉयस कॉल और अन्य सुविधाएं मिल सकती हैं।

    सवाल 6. मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी को क्या नुकसान होगा?
    जवाब :
    टेलीकॉम एक्सपर्ट के मुताबिक, ट्राई का ये नियम है किसी भी सर्कल में किसी एक कंपनी के पास 50% से ज्यादा कस्टमर मार्केट शेयर नहीं हो सकता। लेकिन मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी का कस्टमर मार्केट शेयर 7-8 सर्कल में 50% से ज्यादा हो जाएगा और इस वजह से उन्हें एक साल के अंदर अपने कस्टमर कम करने होंगे। इसी तरह से एक सर्किल में 50% से ज्यादा रेवेन्यू मार्केट शेयर भी नहीं हो सकता। हालांकि कस्टमर कम करेंगे, तो रेवेन्यू ऑटोमैटिकली कम हो जाएगा।

    सवाल 7. मर्जर के बाद मार्केट पर क्या असर होगा?
    जवाब :
    इस मर्जर के बाद देश में सिर्फ तीन ही प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां ही बचेंगी। जिनमें वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो शामिल रहेंगी। इसके अलावा बीएसएनल भी रहेगी, लेकिन उसका मार्केट शेयर सिर्फ 5-6% ही है। इससे मार्केट में जो भी प्राइस वार छिड़ेगा, वो इन्हीं तीन कंपनियों के बीच होगा।

    सवाल 8. क्या मर्जर के बाद वोडाफोन-आइडिया के प्लान्स में भी बदलाव होंगे?
    जवाब :
    इस बारे में वोडाफोन और आइडिया दोनों ही कंपनियों के अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इनकार किया है। इस बारे में दोनों ही कंपनियों का कहना है कि मर्जर के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

    सवाल 9: मर्जर का औपचारिक ऐलान कब तक किया जा सकता है?
    जवाब :
    वोडाफोन इंडिया के मुताबिक, मर्जर के बारे में औपचारिक ऐलान 2 से 4 हफ्ते में किया जा सकता है। यानी कि सितंबर में एक नई कंपनी की शुरुआत हो सकती है।

    सवाल 10. वोडाफोन-आइडिया में काम कर रहे कर्मचारियों का क्या होगा?
    जवाब :
    टेलीकॉम एक्सपर्ट के मुताबिक, इस मर्जर के बाद दोनों ही कंपनियों से कर्मचारियों को निकाला जाएगा। टेलीकॉम एक्सपर्ट का मानना है कि अक्टूबर से पहले तक दोनों में मर्जर हो जाएगा, तो इससे दोनों ही कंपनियों के कर्मचारियों के सामने नौकरी को लेकर संकट में हैं।जिसके उनके काम पर भी असर पड़ने की संभावना है।


    किस कंपनी ने क्या कहा?
    आइडिया :
    मर्जर की औपचारिक घोषणा से पहले इस पर कुछ नहीं कह सकते हैं। नई कंपनी के क्या प्लान्स होंगे, यूजर्स पर क्या असर होगा? इस बारे में मर्जर के बाद ही कुछ कह सकते हैं।
    वोडाफोन :मर्जर अभी हुआ नहीं है और जब तक इसका ऐलान नहीं किया जाता तब तक हम दोनों कंपनियां एक-दूसरे की प्रतिद्वंदी ही हैं। मर्जर के बाद ही कुछ कहेंगे।
    एयरटेल :मर्जर के बाद हमारी स्ट्रेटजी क्या रहेगी, इसपर हम कुछ नहीं कह सकते है।
    रिलायंस जियो : वोडाफोन-आइडिया का 90% बिजनेस 2जी और 3जी का है, जबकि हमारा 100% बिजनेस 4जी का है, तो इसका हमपर कोई असर नहीं होगा। हमारी कंपनी डाटा पर चलती है और उनकी कंपनी कॉलिंग पर इसलिए हमारा और उनका कोई मुकाबला नहीं है।

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