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यूपी में 22% दलित वोट, 96 विधानसभा और 20 लोकसभा सीटों पर असर; इसके लिए योगी बनेंगे 'दलित मित्र', सपा पहली बार धूमधाम से मनाएगी अंबेडकर जयंती

3 वर्ष पहले
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों का 'आंबेडकर प्रेम' सियासत की नई राह की और इशारा कर रहा है। प्रदेश में फूलपुर और गोरखपुर सीट पर हुए उपचुनाव ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के बाद पैदा हुए हालात पर गौर करें तो इसका सबसे बड़ा नुकसान भारतीय जनता पार्टी को हुआ है। इसके बाद रही सही कसर 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में हुई प्रदर्शन ने पूरी कर दी। डैमेज कंट्रोल के लिए अब अखिल भारतीय अंबेडकर महासभा अब 14 अप्रैल को सीएम योगी को 'दलित मित्र' सम्मान से नवाज रही है। वहीं सपा भी पहली बार 14 अप्रैल बाबा साहेब की जयंती धूमधाम से मना रही है। दरअसल, यह सब यूपी में 22% दलित वोटों के लिए किया जा रहा है।

 

 

96 विधानसभा और 20 लोकसभा सीटों पर दलितों का है असर

 

-यूपी में 17 लोकसभा सीट सुरक्षित है जबकि 85 विधानसभा सीटें सुरक्षित हैं। प्रदेश में बीजेपी ने सभी सुरक्षित सीटें 2014 में जीती थी। जबकि 85 विधानसभा सीटों में 64 सीट पर जीत दर्ज की है।
-सीनियर जर्नलिस्ट प्रदीप कपूर कहते हैं कि किसी भी सीट पर अगर 25% से 30% की आबादी किसी जाति की है तो वह चुनाव में निर्णायक भूमिका अदा कर सकता है। 
-एससी/एसटी आयोग द्वारा दिए गए आंकड़ों को देखे तो यूपी में 19 जिलों में दलितों की आबादी 25% से 30% हैं। जिसमे दलितों का 20 लोकसभा सीट और 96 विधानसभा सीटों पर असर है।

 

जिला दलित वोट शेयर(% में) विधानसभा सीटें
कौशांबी 34.73 3
सीतापुर 32.30 9
हरदोई 31.15 8
उन्नाव 30.61 6
रायबरेली 30.31 6
फर्रुखाबाद 28.40 4
झांसी 28.33 4
जालौन 27.75 3
खीरी 27.73 8
मिर्जापुर 27.29 5
चित्रकूट 26.93 2
बाराबंकी 26.53 6
इटावा 25.68 3
आजमगढ़ 25.59 10
महोबा 25.29 2
हाथरस 25.79 3
फतेहपुर 24.76 6
आंबेडकर नगर 24.68 5
औरैया 24.56 3

आंबेडकर जयंती पर किस पार्टी का क्या है प्लान

#बीजेपी

- राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीयों के अनुसार यूपी में भाजपा सरकार केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दलितों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार का खाका तैयार कर रही है। यह सरकारी अभियान 14 अप्रैल से शुरू होगा।  
-वहीँ पार्टी अपने स्तर पर आंबेडकर जयंती 14 अप्रैल से 5 मई तक मनाने का निर्णय लिया है। बीजेपी कार्यकर्ता और पदाधिकारी दलितों के गांव में प्रवास करेंगे और उन्हें सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे में चौपाल में बताएंगे। 
 

 

#समाजवादी पार्टी

 

-समाजवादी पार्टी भी पहली बार धूमधाम से आंबेडकर जयंती मनाने जा रही है। अखिलेश यादव लखनऊ में हजरतगंज स्थित अांबेडकर की मूर्ति माल्यार्पण किया। 


-इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने विधानपरिषद चुनाव में बसपा के कैंडिडेट भीमराव अंबेडकर को समर्थन देने का भी एलान कर दिया है।

 

#कांग्रेस

 

-वहीं कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष भगवती प्रसाद चौधरी ने बताया कि कांग्रेस पहले भी आंबेडकर जयंती पर जिले जिले में कार्यक्रम करती रही है।  
-उन्होंने बताया कि कांग्रेस 'दलित सुरक्षा और संविधान बचाओ' सम्मलेन हर जिले में फरवरी से ही कर रही है। 14 अप्रैल को अंतिम सम्मलेन कानपुर में आयोजित होना है।

 

 

#बीएसपी

 

-जब से आंबेडकर पार्क बना है मायावती लगातार हर साल अंबेडकर जयंती में माल्यार्पण करने अंबेडकर पार्क पहुंची हैं। 
-पार्टी से जुड़े नेताओं ने बताया मायावती ने जोनल कोऑर्डिनेटर को निदेश दिया है कि मंडल लेवल पर धूमधाम से आंबेडकर जयंती मनाएं। वहीं लखनऊ के आंबेडकर पार्क में मायावती खुद मौजूद रहेंगी और जनता को संबोधित करेंगी।

 

दलित विरोधी नहीं बीजेपी, का देना है मैसेज

 

-सीनियर जर्नलिस्ट प्रदीप कपूर कहते हैं कि दलित आन्दोलन से पहले ही बीजेपी में ही दलितों को लेकर उनके नेताओं में आक्रोश है। ऐसे में सीएम योगी को दलित मित्र सम्मान देकर जनता के बीच यह मैसेज देना है कि बीजेपी दलित विरोधी नहीं है। 
-उन्होंने कहा कि यह सब कुछ लोकसभा चुनावों के लिए हो रहा है। बीजेपी सरकार बनते ही दलित और ठाकुरों में सहारनपुर में विवाद सामने आया था। ऐसे में अब इन समस्याओं से निपटने के लिए बीजेपी अपना प्लान बना रही है।

 

2 दलितों को भेजा जा सकता है विधानपरिषद

 

-विधानपरिषद की खाली होने वाली 13 सीट पर बीजेपी अपने 11 कैंडिडेट विधानपरिषद भेज सकती है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी 2 दलित नेताओं को भी एमएलसी बनाने का मन बना रही है। इससे जहां पार्टी में दलित नेताओं का आक्रोश कम होगा वहीं जनता को भी मैसेज देंगे।

 

अांबेडकर का नाम बदलना इसी प्लान का हिस्सा

-सीनियर जर्नलिस्ट प्रदीप कपूर कहते हैं कि अांबेडकर के नाम में रामजी जोड़ना इसी प्लान का हिस्सा भर है। उन्होंने बताया कि दलितों को अहमियत दे कर बीजेपी सपा-बसपा के गठबंधन का तोड़ निकालना चाहती है। इसी क्रम में अब यूपी के हर सरकारी ऑफिस में अांबेडकर की तस्वीर लगाने का भी निर्देश जारी किया गया है।

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