खुद को मोटिवेट करने में लगे हैं अमरजीत

News - अब कंपीटिशन टॉप लेवल का है... अमरजीत कियाम को सितंबर में एल्बो इंजरी हुई थी और तभी से वे नेशनल टीम का हिस्सा नहीं...

Mar 27, 2020, 07:26 AM IST
Manimajra News - amarjeet is busy in motivating himself
}अब कंपीटिशन टॉप लेवल का है... अमरजीत कियाम को सितंबर में एल्बो इंजरी हुई थी और तभी से वे नेशनल टीम का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वे अपनी जगह फिर से हासिल कर लेंगे। कियाम ने कहा कि नेशनल टीम की ओर से आपको लगातार फुटबॉल खेलते रहना होता है। मैं जानता हूं कि ये आसान नहीं है और एक पोजिशन के लिए कई प्लेयर्स आपको टक्कर देने के लिए तैयार रहते हैं। मुझे अपनी फिटनेस के साथ-साथ गेम पर भी काम करना है तभी मैं फ्रंट लाइनअप में जगह बना पाऊंगा और कोचेज की उम्मीदों को पूरा कर सकूंगा।


}चंडीगढ़ लौटकर अच्छा लगता है...


}मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं... कियाम मिडफील्डर हैं और उनका कहना है कि मुझे पिछले तीन साल से फील्ड पर फैंस को देखने की आदत हो गई है। चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी से करियर का आगाज करने वाले कियाम ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस की मार झेल रही है और इन हालातों को चुनौतीपूर्ण कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये एक मुश्किल स्थिति है और इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि हम इससे जल्द पार पा लेंगे। हमें उन लोगों का शुक्रिया करना चाहिए जो इस मुश्किल हालात में भी आगे आकर काम कर रहे हैं। हम सभी को अपनी सुरक्षा को लेकर सुनिश्चित रहना चाहिए। हमें सावधानी बरतनी चाहिए और अधिकारियों को निर्देशों का पालन करना चाहिए।

चाहता हूं। मैं ये जानता हूं कि मुझे अपने आप को पुश करते रहना है और तभी मैं एक खिलाड़ी के तौर पर सभी के सामने आ सकता हूं। इस समय सभी को बाहर जाना बंद है लेकिन मैं स्ट्रेचिंग करते हुए अपनी बॉडी को शेप में ला रहा हूं। फुटबॉल टफ गेम है और इसमें कोई बहाना नहीं चलता। मुझे पता है कि जितना हार्डवर्क मैं इस समय करूंगा वो मुझे भविष्य में काम आएगा। 19 साल के अमरजीत कियाम ने अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी।

अमरजीत आईएसएल सीजन के बाद 20 फरवरी को चंडीगढ़ आए थे। चंडीगढ़ में उन्होंने सात साल तक फुटबॉल खेला और इस बार वे अपने पुराने मैदान पर पेरेंट्स को लेकर आए। अमरजीत ने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरे पेरेंट्स मणिपुर से यहां आए। उन्होंने मेरी पहली एकेडमी(सीएफए) देखी, जहां पर मैंने कई साल तक ट्रेनिंग की। मैं और मेरे पेरेंट्स कोचेज से मिले, स्टाफ से मिले और होस्टल भी देखा। उन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाने के लिए काफी बलिदान दिए हैं और ये मेरे लिए एक इमोशनल मोमेंट था। वे भी यहां पर आकर खुश थे क्योंकि मुझे भी हमेशा चंडीगढ़ आकर अच्छा लगता है। ये शहर मेरे लिए दूसरा घर है।


| Star Move | लॉकडाउन के कारण घर नहीं लौट पाए कियाम, चंडीगढ़ में खुद को फिट रखने की कोशिश में लगे सॉकर स्टार**

}चंडीगढ़. रोलर कॉस्टर सीजन के बाद अमरजीत कियाम ने सीनियर इंडियन टीम में डेब्यू किया और फिर चोट के कारण उन्हें चार महीने के लिए मैदान से दूर रहना पड़ा। इसके बाद भी चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी के ट्रेनी अमरजीत कियाम ने ऑफ-सीजन की शुरुआत दृढ़ निश्चय के साथ की।

कोविड-19(कोरोना वायरस)के चलते हर तरफ लॉकडाउन कर दिया गया और कियाम अपने घर मणिपुर नहीं लौट पाए। वे अभी चंडीगढ़ में ही हैं और फिटनेस पर फोकस कर रहे हैं। मौजूदा स्थिति में उनके रूटीन पर काफी फर्क पड़ा है और वे फील्ड में ट्रेनिंग नहीं कर पा रहे हैं। उनके पास अभी जिम का भी ऑप्शन नहीं है, लेकिन ये लॉकडाउन भी उनके
दृढ़ संकल्प को प्रभावित नहीं कर पा रहा है। वे लगातार मुस्कुरा रहे हैं और अपनी ट्रेनिंग कर रहे हैं।

स्टार भारतीय मिडफील्डर ने कहा कि मेरा लक्ष्य अभी भी वही है। मैं अपनी ट्रेनिंग को हार्ड करने का मन बना चुका हूं लेकिन मैं अभी मैं वो मिस कर रहा हूं। मैं टॉप शेप में आना चाहता हूं। मैं ये जानता हूं कि मुझे अपने आप को पुश करते रहना है और तभी मैं एक खिलाड़ी के तौर पर सभी के सामने आ सकता हूं। इस समय सभी को बाहर जाना बंद है लेकिन मैं स्ट्रेचिंग करते हुए अपनी बॉडी को शेप में ला रहा हूं। फुटबॉल टफ गेम है और इसमें कोई बहाना नहीं चलता। मुझे पता है कि जितना हार्डवर्क मैं इस समय करूंगा वो मुझे भविष्य में काम आएगा। 19 साल के अमरजीत कियाम ने अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी।

Manimajra News - amarjeet is busy in motivating himself
X
Manimajra News - amarjeet is busy in motivating himself
Manimajra News - amarjeet is busy in motivating himself

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना