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मंगलवार+अमावस्या का योग, पितृ दोष से बचने के लिए करें घी-गुड़ का 1 उपाय

मंगलवार को अमावस्या होने से यह भौमवती अमावस्या कहलाएंगी।

Danik Bhaskar | May 13, 2018, 06:00 PM IST

रिलिजन डेस्क। 15 मई, मंगलवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या है। मंगलवार को अमावस्या होने से यह भौमवती अमावस्या कहलाएंगी। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस दिन पितृ दोष कम करने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाए तो शीघ्र ही शुभ फल प्राप्त होता है। जानिए इस अमावस्या पर पितृ दोष का असर कम करने के लिए आप कौन-कौन से उपाय कर सकते हैं...

1. हिंदू धर्म में अमावस्या को पितरों की तिथि माना गया है। इसलिए इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए गाय के गोबर से बने उपले (कंडे) पर शुद्ध घी व गुड़ मिलाकर धूप (सुलगते हुए कंडे पर रखना) देनी चाहिए। यदि घी व गुड़ उपलब्ध न हो तो खीर से भी धूप दे सकते हैं।
यदि यह भी संभव न हो तो घर में जो भी ताजा भोजन बना हो, उससे भी धूप देने से पितृ प्रसन्न हो जाते हैं। धूप देने के बाद हथेली में पानी लें व अंगूठे के माध्यम से उसे धरती पर छोड़ दें। ऐसा करने से पितरों को तृप्ति का अनुभव होता है और वे हमें आशीर्वाद देते हैं। जिससे हमारे जीवन में सुख-शांति आती है।

2. अमावस्या पर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। चीटियों के लिए शक्कर मिला हुआ आटा डालें।

3. किसी योग्य ब्राह्मण को भोजन की सामग्री का दान करें।

4. सुबह भोजन बनाएं तो पहली रोटी गाय को और अंतिम रोटी कुत्ते को खिलाएं।

5. अमावस्या के दिन अगर कोई भोजन मांगने घर आए तो उसे खाली हाथ न लौटाएं।

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