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डाउनलोड करें- मप्र में एंबुलेंस कर्मचारियों ने 18 महीने में 9 वीं बार बेमियादी हड़ताल पर गए।
- कॉल सेंटर से एक ही जवाब- अपने साधन से मरीज को अस्पताल पहुंचाए ।
भोपाल. मध्य प्रदेश में 108 एंबुलेंस के कर्मचारी 18 महीने में 9वीं बार अचानक हड़ताल पर चले गए। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, दतिया सहित अन्य जिलों में 175 एंबुलेंस खड़ी हो गई हैं। रविवार को 108 कॉल सेंटर पर नंबर लगाने पर उधर से जवाब आया-माफ कीजिए, एंबुलेंस से हमारा संपर्क नहीं हो पा रहा है। पास की दूसरी एंबुलेंस से भी बात नहीं हो पा रही है, इसलिए आप अपने साधन से ही मरीज को अस्पताल ले जाइए। किसी भी कर्मचारी ने ये नहीं बताया कि एंबुलेंस की हड़ताल है।
- रविवार को हड़ताल के चलते राजधानी में 100 से ज्यादा, जबकि प्रदेश भर में करीब 1900 जरूरतमंदों को एंबुलेंस नहीं मिल पाई। उधर, हड़ताल से निपटने के लिए सरकार ने बी प्लान तैयार किया था। जो अचानक हड़ताल होने पर फेल साबित हुआ है। सरकार ने बी-प्लान के तहत करीब 1 हजार ऐसे लोगों को रखा है। जो कि ड्राइवर और ईएमटी के नहीं होने पर वैकल्पिक इंतजाम संभालेंगे। रविवार तड़के 4 बजे से एंबुलेंस कर्मचारियों ने एंबुलेंस को खड़ा करने का सिलसिला शुरू कर दिया था। जो सुबह तक चलता रहा। शाम 4.30 बजे तक शहर में एंबुलेंस सेवा प्रभावित हुई। इसके चलते आम मरीजों को खुद की गाड़ियों से अस्पताल पहुंचना पड़ा।
रविवार सुबह 4 बजे से खड़ी कर दीं एंबुलेंस
- रविवार तड़के 4 बजे से एंबुलेंस कर्मचारियों ने एंबुलेंस को खड़ा करने का सिलसिला शुरू कर दिया था। जो सुबह तक चलता रहा। शाम 4.30 बजे तक शहर में एंबुलेंस सेवा प्रभावित हुई। इसके चलते आम मरीजों को खुद की गाड़ियों से अस्पताल पहुंचना पड़ा। यानि साढ़े 12 घंटे तक शहर में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। अस्पताल में परिजन मरीजों को लेकर भागते दौड़ते दिखाई दिए।
एंबुलेंस की चॉबी नहीं दी तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज
- रविवार को ईदगाह हिल्स स्थित 108 एंबुलेंस दफ्तर के बाहर खड़ी 9 एंबुलेंस को रिलीज कराने के लिए जिला प्रशासन से बैरागढ़ सर्कल की नायाब तहसीलदार रमा कालवा पुलिस के साथ पहुंची। बातचीत का दौर चला। लेकिन कर्मचारी संगठन हड़ताल पर अड़े रहे तो एंबुलेंस की चाबी की मांगी गई। इस पर कर्मचारियों ने एंबुलेंस के आगे लेटने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर कर्मचारियों को खदेड़ा।
अपने साधन से मरीज को अस्पताल पहुंचाए
- एम्बुलेंस 108 के कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से कुछ लोग पुलिस के डायल 100 वाहन और निजी साधनों से अस्पताल पहुंचे। 108 के कर्मचारी संगठन ने आधा दर्जन मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है। इसके चलते रविवार को शहर में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है। जिगित्सा हेल्थ केयर कंपनी में काम करने वाले एंबुलेंस कर्मचारी संघ के सचिव असलम खान ने बताया कि प्रदेश में 606 एंबुलेंस का संचालन होता है। कॉल सेंटर से यही जवाब मिला, अपने साधन से अस्पताल जाएं।
कर्मचारियों की मांगें...
- तय सैलरी से 500 से 1 हजार रुपए कम मिलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।
- ड्राइवर को 16 हजार व ईएमटी को 19 हजार वेतन दिया जाए। अभी 9 हजार से 11 हजार वेतन मिल रहा है।
- ड्राइवर, ईएमटी का काम 12 की जगह 8 घंटे किया जाए।
- 108 एंबुलेंस को ठेके से मुक्त कर संचालन स्वास्थ्य विभाग को दें।
- समय पर वेतन और ग्रेज्युटी का भुगतान किया जाए।
- जेडएचल के अफसर कर्मचारियों से दुर्व्यवहार व नौकरी से निकलवाने की धमकी देते हैं। यह बंद हो।
कर्मचारी नेतागिरी कर रहे हैं
- शनिवार रात से नेतागिरी करने वाले कर्मचारियों ने सैलरी कम आने का मुद्दा बनाया। मारपीट भी हुई दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। एंबुलेंस को हाइजैक कर जबरन खड़ा कराया गया। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही नए कर्मचारियों को पुराने कर्मचारियों ने हड़ताल के लिए उकसाया।- जितेंद्र शर्मा प्रोजेक्ट हेड जिगित्जा कंपनी
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