पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंसूरत. कुछ लोग पांडेसरा गणेशनगर के पास एक अज्ञात मजदूर को इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल लाए थे। लेकिन वहां जो देखा वो मानवता को शर्मसार करने वाला था। काफी देर तक वो मजदूर अपनी जगह पड़ा था लेकिन कोई भी उसके पास नहीं आया। ये है पूरा मामला...
- मजदूर को अनाथ होने के कारण उसे एडमिट नहीं किया और सिर्फ मरहम-पट्टी कर उसे छोड़ दिया।
- बाद में जब छोड़ने के लिए एंबुलेंस मांगा तो वह भी देने से मना कर दिया।
- सहयोग के लिए आए लोग जब उसे घर ले जा रहे थे तो तेज धूप के कारण उसको मिर्गी आ गई, जिसके कारण वह बेहोश हो गया।
- बाद में दूसरे लोगों ने एंबुलेंस बुलाकर वापस उसे सिविल हॉस्पिटल भेजा।
पहले भी आया था ऐसा मामला जहां लोग घायल को देख फोटो खींचते रहे लेकिन हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया।
बालोतरा(जयपुर). दो युवकों की आपसी लड़ाई में एक युवक घायल हो गया था। जिसे इलाज के बाद गुजरात रेफर किया गया। वहीं मारपीट करने वाला युवक फरार हो गया। जानकारी के अनुसार दोनों युवक रेवत गांव के है तथा मारपीट करने वाले युवक के ससुराल आए थे। लोगों ने घायल की मदद नहीं की और उसके फोटो खींचते रहे। ये था मामला...
पुलिस के अनुसार रेवत गांव निवासी सुरेश घांची उसके मित्र पांचाराम पुत्र शकाराम मेघवाल को साथ लेकर ससुराल जा रहा था। बीच रास्ते में आपसी बोलचाल में सुरेश घांची ने पांचाराम को लाठी से पीट-पीटकर घायल कर दिया तथा मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने सड़क पर पड़े युवक को घायलावस्था में देखकर पुलिस को सूचना दी तो कांस्टेबल दौलाराम ने मौके पर पहुंच घायल पांचाराम को रामसीन पीएचसी पर लाया, लेकिन गंभीर स्थिति होने पर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। घटना को लेकर पांचाराम के भाई गेनाराम ने सुरेश के खिलाफमारपीट करने का मामला दर्ज करवाया है। मामले की जंाच भीनमाल वृताधिकारी धीमाराम विश्नोई कर रहे हैं।
घायल तड़पता रहा, लोग फोटो लेते रहे
दुघर्टना के दौरान अक्सर यह देखने को मिलता है कि सड़क पर घायल तड़पते रहते हैं और लोग फोटो लेने में लगे रहते हैं। उनका दायित्व बनना चाहिए कि वे उन घायलों को नजदीकी अस्पताल लेकर जाए। ऐसा ही यहां रामसीन में भी देखने को मिला। यहां घायल पांचाराम रोड पर तड़प रहा था और लोग मोबाइल से फोटो व वीडियो बना रहे थे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.