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कर्नाटक चुनाव के बाद पहली बार मीडिया से बात करेंगे अमित शाह, थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस

3 वर्ष पहले
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- शाह ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ जनादेश दिया, जेडीएस और कांग्रेस का गठबंधन अनैतिक है

 

 

नई दिल्ली.   कर्नाटक चुनाव के नतीजों और वहां सरकार बनने के घटनाक्रम पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को पहली बार मीडिया से बात की। शाह ने कहा कि कर्नाटक का जनादेश कांग्रेस के खिलाफ है और जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन अनैतिक है। उन्होंने कहा कि जेडीएस-कांग्रेस ने अभी भी अपने विधायकों को होटल में बंद कर रखा है और अगर इन्हें अपने क्षेत्र में जाने की इजाजत दी गई होती तो जनता ही बता देती कि उसका जनादेश किसके पक्ष में है। हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर भाजपा अध्यक्ष ने जवाब दिया कि कांग्रेस ने तो पूरा अस्तबल ही बेच खाया। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने शाह के बयानों पर कहा कि खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे। बता दें कि कर्नाटक में भाजपा ने सरकार बनाने का दावा तो पेश किया था, लेकिन विश्वासमत साबित करने से पहले ही येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वहां कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार बनीं। बुधवार को जेडीएस विधायक दल के नेता एचडी कुमारस्वामी दूसरी बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।

 

 

1) जनादेश कांग्रेस के खिलाफ

- शाह ने कहा, "कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ जनादेश दिया। मुख्यमंत्री खुद चुनाव हारे, दूसरी सीट पर कम मार्जिन से चुनाव जीत पाए हैं। ये एंटी कांग्रेस जनादेश है।

कई लोग अपप्रचार खड़ा करने का काम करते हैं कि पूर्ण बहुमत ना होने के बावजूद भाजपा ने सरकार बनाने का दावा क्यों किया? पूर्ण बहुमत किसी के पास नहीं है तो क्या फिर से चुनाव कराएं? सबसे बड़े दल के रूप में सरकार बनाने का अधिकार भाजपा का बनता है। अगर हम सरकार बनाने का दावा ना करते तो कर्नाटक के जनादेश के अनुसार ये काम नहीं होता। 104 सीटों के जनादेश के बाद, विशेष रूप से कांग्रेस के खिलाफ जनादेश के बाद हमने ये दावा किया है, इसमें मैं कुछ भी अनुचित नहीं देखता।" 

 

2) इन लोगों ने अस्तबल बेच खाया, विधायक अभी भी होटल में बंद

- "हमने क्यों दावा किया, क्योंकि कांग्रेस के खिलाफ जनादेश था। हम आशा करते हैं कि जो लोग कांग्रेस के खिलाफ हैं वो हमारा साथ देंगे। अगर ये लोग अपने विधायकों को होटल में बंद ना करते तो जनता ही उन्हें बता देती कि वोट कहां डालना है। विजय जुलूस भी निकालने देते तो जनता बता देती कि वोट कहां डालना है। आप हमें जोड़-तो़ड़ की राजनीति कह रहे हो। इन्होंने तो अस्तबल बेच खाया है। दावा करना हमारा अधिकार था। गैरलोकतांत्रिक तरीके से विधायकों को होटल में बंद किया, वे जनता से नहीं मिल पाए। ऐसा होता तो उन्हें जनता की इच्छा मालूम पड़ती। जेडीएस को भाजपा को समर्थन करना पड़ता।"

 

3) गोवा-मणिपुर में कांग्रेस नेता आराम करते रहे, हमने दावा पेश किया

- "गोवा और मणिपुर का हमेशा कांग्रेस उदाहरण देती है। जब हमने वहां दावा किया तो कांग्रेस के लोग आराम कर रहे थे। हमारे दावे के आधार पर राज्यपाल ने हमें न्योता दिया था। वहां पर सबसे बड़ दल के नाते कांग्रेस ने दावा ही नहीं किया। राज्यपाल ने दूसरे नंबर के दल यानी भाजपा को बुलाया और इस बुलावे के बाद हमने सफलतापूर्वक सरकार बना ली।"

 

4) कांग्रेस 122 से 78 सीटों पर सिमटने का जश्म मना रही है?

- शाह ने कहा, "आज जब सरकार बनाने के लिए जेडीएस और कांग्रेस एक प्लेटफॉर्म पर आए हैं तो कर्नाटक की जनता जश्न नहीं मना रही है। कांग्रेस और जेडीएस जश्न मना रहे हैं। कांग्रेस किस बात का जश्न मना रही है। कांग्रेस की सीटें 122 थीं, 78 सीटें रह गईं, मिनिस्टर हार गए, मुख्यमंत्री हार गए, इस चीज का जश्न मना रहे हैं कांग्रेसी? जेडीएस की 80 फीसदी सीटों पर जमानत जब्त हो गई, 38 सीटें जीतने का जश्न मना रहे हैं क्या?

 

5) कर्नाटक में कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं पार कीं

- "मैं बताना चाहता हूं कि कर्नाटक चुनाव किस तरह चला है। कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं पार कीं। क्षेत्रवाद, भाषा, झंडा, धर्म के विभाजन का मुद्दा, लिंगायत को स्पेशल स्टेट्स देने का मुद्दा उठाया, देश विरोधी संस्थाओं के साथ चुनाव लड़ा, दलितों को भड़काने की कोशिश की, धनबल का उपयोग किया। सीएम के विधानसभा क्षेत्र में इतना पैसा जब्त किया गया कि 10 विधानसभा चुनाव लड़े जा सकें। फेक आईडी कार्ड बनाने की फैक्ट्री ही घर से पकड़ी गई। लाखों लोगों की सूची पकड़ी जाती है। उनके विधायक और काउंसलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ती है। कचरे के ढेर से वीवीपैट मिली हैं। इन सबके बाद भी कांग्रेस कहती है कि हम चुनाव जीते हैं।"  

 

6) राहुल और विपक्ष 2019 में भी नहीं जीत पाएंगे

- शाह से पूछा गया कि राहुल गांधी विपक्ष के साथ मिलकर भाजपा को हराने की बात कह रहे हैं। शाह ने जवाब दिया- "विपक्ष और कांग्रेस ने 2014 में भी मिलकर भाजपा को हराने की कोशिश की थी। लेकिन, हम जीते। कर्नाटक में ममता बनर्जीजी क्या कर लेंगी? या राहुल गांधी पश्चिम बंगाल के चुनावों में क्या कर लेंगे। अगर ये 2019 में मिलकर हराने की बात कहते हैं, तो मैं बता दूं कि 2019 का चुनाव भी हम ही जीतेंगे। मैं शुरू से राहुल जी की टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करता, समय आने पर करूंगा।"

 

7) कर्नाटक चुनाव के बाद कांग्रेस का लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बढ़ गया

- "चुनाव का एक अच्छा परिणाम आया है कि कांग्रेस की लोकतांत्रिक संस्थाओं में श्रद्धा बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और ईवीएम सबकुछ अच्छा लगता है। हम चाहते हैं कि जब वे हारें तो भी इन सारी चीजों को याद रखें। हारें तो सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लेकर ना आएं।"

 

8) इंदिराजी के समय 50 से ज्यादा बार 356 का इस्तेमाल कर सरकारें गिराईं

- जोड़-तोड़ और गवर्नर के भाजपा को न्योता देने के सवाल पर शाह ने कहा, "केवल इंदिरा जी के समय 50 से ज्यादा बार धारा 356 का इस्तेमाल कर सरकारें गिरा दी थीं। राहुल जी ने कांग्रेस का इतिहास नहीं पढ़ा है। आप सिखा देना। गोवा में चुनाव हुआ था, कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। प्रताप सिंह राणे ने गोवा गोमांतक पार्टी से दल-बदल किया और कांग्रेस की सरकार बना दी। सारे कांग्रेसियों को अपना इतिहास देखना चाहिए। अब हम समझाने का काम करेंगे ही। किस मुंह से कांग्रेस लोकतंत्र की बात करती है।"

 

कांग्रेस का आरोप- मोदी और शाह कालेधन के कुबेर, सुबह से शाम तक झूठ बोलते हैं

- कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, ‘‘कर्नाटक में होटल में हमारे विधायकों को बंधक बना रखा गया था। उन्हें पुलिस छुड़ा कर लाई थी। बाद में रिजॉर्ट में लगी सुरक्षा हटवा ली गई थी। ये हम पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाते हैं। लेकिन एक कहावत है जो बिल्कुल सही बैठती है- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। भाजपा ने कर्नाक चुनाव में 6500 करोड़ रुपए इस्तेमाल किया। हर प्रत्याशी को 20-20 करोड़ दिए। बाकी 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान इन्होंने विधायकों की खरीद के लिए रखा था। ये पैसा कहां से आया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ये बात याद रखें कि उनकी दोहरी भाषा, मापदंड भारत के लोग समझ चुके हैं। वे कालेधन के कुबरे हैं। भारतीय संस्कृति की बात करते हैं और सुबह से शाम तक झूठ बोलते हैं।’’
- ‘‘गोवा में क्या हुआ था? जैसा राज्य, जैसा मौका दिखे, वैसे सरकार बना लो। इनके नियम और मान्यताएं, हर चुनाव में बदलती हैं। ये देश की पहली ऐसी सरकार है जो राज्यों में पूरी की पूरी सरकार चुरा लेती है और हम पर अस्तबल बेचने का आरोप लगाती है। अरुणाचल में इनके पास कहां से आए विधायक?’’ 

 

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