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शाह का हेडक्वार्टर भोपाल, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ व राजस्थान चुनाव को भोपाल से ही टेकल करेंगे

3 वर्ष पहले
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रायपुर.   मिशन 2018 और टारगेट 65 प्लस अचीव करने के लिए भाजपा ने विपक्ष पर आक्रामक हमले करने की रणनीति बनाई है।  उसने अपने नेताओं, प्रवक्ताओं और सभी पदाधिकारियों से अपडेट रहने को कहा है। ताकि वे विपक्ष के बयानों और हमलों का तुरंत माकूल जवाब दे सकें। विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को भी गंभीरता से ले रही  है। इस वजह से उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल को हेडक्वार्टर बनाने वाले हैं। वे वहीं से एमपी-सीजी के साथ राजस्थान चुनाव को भी टेकल करेंगे।


पार्टी के सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमलावर तेवर इसी बात के संकेत हैं। अब सभी नेताओं को इसी शैली में विपक्ष को जवाब देते देखा जाएगा।  चुनाव की तैयारी को लेकर पार्टी के अंदर चल रही तैयारियों की बात करें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह जल्द ही भोपाल में डेरा डालेंगे। वे वहां से तीनों राज्यों पर नजर रखेंगे। शाह दिल्ली के बजाए ज्यादातर समय भोपाल में रहेंगे। भोपाल में उनके लिए आशियाना ढूंढा जा रहा है। वे जून के पहले हफ्ते में भोपाल में आमद दे देंगे। शाह खुद तीनों राज्यों के जिलों में जाएंगे और चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

 

पहले चरण में वे मध्यप्रदेश के जिलों में जाकर चुनाव प्रचार की स्थिति संभालेंगे। दूसरी तरफ, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसकी घोषणा जल्द होगी। राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए कुशाभाऊ ठाकरे परिसर को तैयार किया जा रहा है। एक नया भवन भी बनाया है जिसे सजाया जा रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री की विकास यात्रा चल रही है और यह यात्रा 12 जून तक चलेगी।


यात्रा के दौरान शाह भी यहां आ सकते हैं।  इस साल के अंत में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होंगे। पार्टी की अंदरूनी सर्वे के अनुसार इन तीनों राज्यों में भाजपा को विपक्ष से कड़ा मुकाबला करना होगा। इनमें राजस्थान में पार्टी की हालत सबसे कमजोर बताई जा रही है।

 

तीन राज्यों में सरकार बनाने की रणनीति
पिछले दिनों उप चुनावों में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उसे हार झेलनी पड़ी है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 15 सालों से सरकार है। पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ज्यादा ताकतवर नजर आ रही है। पार्टी हाईकमान ने सारी स्थितियों से निपटकर तीनों राज्यों में सरकार बनाने के लिए रणनीति बना रही हैं।

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