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एंड्रॉयड ऐप्स करते हैं जासूसी, यूजरनेम, पासवर्ड और एक्टिविटी का स्क्रीनशॉट लेकर थर्ड पार्टी को भेजते हैं: रिपोर्ट

डेटा शेयर करने से पहले न ही कोई नोटिफिकेशन भेजा जाता है और न ही यूजर्स की इजाजत ली जाती है।

Danik Bhaskar | Jul 09, 2018, 12:36 PM IST

गैजेट डेस्क. एंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद कई ऐप्स यूजर्स की जासूसी करते हैं। ये ऐप्स यूजर्स की एक्टिविटी, व्यवहार, यूजरनेम, पासवर्ड समेत कई सारी चीजों के स्क्रीनशॉट लेने की क्षमता रखते हैं और उन्हें थर्ड पार्टी को भेज सकते हैं। ये बात एक नई स्टडी में सामने आई है। स्टडी करने वालों ने बताया कि ये ऐप्स जो स्क्रीनशॉट लेते हैं, उनमें यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड का नंबर और कई जरूरी जानकारियां शामिल होती हैं।

17 हजार में से 9 हजार ऐप स्क्रीनशॉट लेते हैं: स्टडी करने वाली टीम ने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद 17 हजार से ज्यादा ऐप्स का एनालिसिस किया और पाया कि इनमें से 9 हजार ऐसे ऐप्स हैं जिनके पास मोबाइल के स्क्रीनशॉट लेने की क्षमता थी। बोस्टन के नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड चोफनस ने बताया कि इस स्टडी में सामने आया कि इन ऐप्स के पास मोबाइल की स्क्रीन को या फिर उसमें जो भी टाइप किया जाता है, उसे रिकॉर्ड करने की क्षमता है।


- यूनिवर्सिटी के एक अन्य प्रोफेसर क्रिस्टो विल्सन ने बताया कि 'इस स्टडी में किसी भी तरह के ऑडियो लीक का पता नहीं चला है, क्योंकि किसी भी ऐप ने माइक्रोफोन को एक्टिव नहीं किया था' उन्होंने बताया कि 'हमें पता चला कि ऐप्स अपने आप ही स्क्रीनशॉट ले रहीं थीं और उन्हें थर्ड पार्टी को भेज रहीं थीं। इसके लिए यूजर्स को कोई नोटिफिकेशन भी नहीं भेजा जाता और न ही यूजर्स से इसकी इजाजत ली जाती है।'

हेल्थ ऐप्स भी भेजती हैं डेटा: वहीं 'हेडेक: जर्नल ऑफ हेड एंड फेस पेन' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, माइग्रेन का पता लगाने वाली हेल्थ ऐप्स भी थर्ड पार्टी को यूजर का डेटा भेजती हैं। ये भी यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन है, क्योंकि हेल्थ ऐप्स से थर्ड पार्टी को भेजने वाले डेटा के लिए कुछ कानून हैं।