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आग से धधक रही थी एसी ट्रेन, 10 फोटोज बता देंगे आपको वो भयावह मंजर

3 वर्ष पहले
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 ग्वालियर(एमपी)। ग्वालियर के बिड़ला नगर पुल के पास हजरत निजामुद्दीन से विशाखापट्‌टनम के बीच चलने वाली सुपरफास्ट एपी एसी एक्सप्रेस में सोमवार सुबह 11:48 बजे आग लग गई। ट्रेन के दो कोच बी-6, बी-7 इसकी चपेट में आ गए। आग की लपटों को देखते ही ट्रेन को वहीं रोक दिया गया। जिस बोगी में आग लगी थी, उसमें 37 डिप्टी कलेक्टर सवार थे, जो उत्तराखंड से ट्रैकिंग कर भोपाल लौट रहे थे। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। इन्हीं बोगी में भोपाल के 32 यात्री भी सवार थे, जिन्हें भी बचा लिया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक आग शाॅर्ट सर्किट की वजह से लगी है।   

लापरवाही ये कारण : बाहर दमकल की लचर व्यवस्था

- आग लगने की घटना में रेलवे की लापरवाही उजागर हुई है। कोच में लगे 4 अग्निशमन यंत्रों में से तीन खराब थे।

- सिर्फ एक ने ही काम किया। उधर, 35 मिनट बाद दमकल पहुंची लेकिन उसका भी पाइप फटा था।
- यात्री की सूचना पर कोच अटेंडेंट व मेंटेनेंस अमले ने टॉयलेट से उठ रहे धुंए को काबू करने के लिए कोच बी-7 और बी-6 में लगे 2-2 अग्निशमन यंत्र का उपयोग किया, लेकिन चार में से एक यंत्र ही चला।

-3 अग्निशमन यंत्र खराब थे। ड्राइवर भी अग्निशमन यंत्र लेकर पहुंचे लेकिन तब आग पूरे टॉयलेट में फेल चुकी थी।
- स्टेशन मैनेजर ने दमकल दस्ते को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। उसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।

- उसके बावजूद घटनास्थल पर पहली दमकल 35 मिनट बाद पहुंची, इसका पाइप फटा था।

- दूसरी दमकल 5 मिनट बाद पहुंची तो उसका पानी जल्द खत्म हो गया। इससे आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

 

तीन करोड़ से अधिक का नुकसान 
- रेलवे के कैरिज एंड वेगन के विभाग से एक मंडल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह बिलकुल आधुनिक तकनीकी के नए कोच हैं और एक कोच की लागत लगभग 1.50 करोड़ है।

- आग से दोनों कोच नष्ट हो गए इसलिए 3 करोड़ का नुकसान तो है ही इसके अलावा ओएचई मेंटेनेंस और पेंट्रीकार कोच के कांच टूटने से भी नुकसान हुआ है। 

 

 खड़ी रहीं कई ट्रेनें

- नई दिल्ली से चलकर विशाखापट्‌टनम जा रही थी एपी एसी एक्स.

- मथुरा, आगरा और मुरैना में खड़ी रहीं भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनें
-  आग की लपटें में घिरे कोच अलग कर ट्रेन को किया रवाना

 

कहां

- ग्वालियर के बिरला नगर रेलवे स्टेशन पर पुल के नीचे।

कब

सोमवार को 11.45 बजे बी-6 कोच के यात्री ने धुआं उठते देख चेन खींचकर ट्रेन को रोका।

कैसे

बी-7 कोच के टॉयलेट में रखी डस्टबिन से उठा धुआं जो भीषण आग में तब्दील हो गया।