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डाउनलोड करेंपंचकूला. रोहतक के ‘अपना घर’ मामले में पंचकूला के स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को छह साल बाद फैसला सुनाया। जज जगदीप सिंह की बेंच ने 9 ओरोपियों को दोषी करार दिया, जबकि रोहतक की पूर्व बाल विकास परियोजना अधिकारी अंग्रेज कौर हुड्डा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। 24 अप्रैल को कोर्ट इन्हें सजा सुनाएगा। कोर्ट ने इन सभी को संस्था में रहने वाली बच्चियों और युवतियों का यौन शोषण करने व बंधुआ मजदूरी कराने का दोषी माना।
103 लड़कियां छुड़ाई थीं
विकास संघ नाम की एनजीओ ‘अपना घर’ संस्था चलाती है। इसकी अध्यक्ष जसवंती देवी हैं। यहां की तीन युवतियों ने शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत की थी। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की एक टीम ने 9 मई 2012 को संस्था में छापा मारा और 103 लड़कियों को मुक्त कराया। लड़कियों ने खुलासा किया कि ‘अपना घर’ में यौनशोषण होता है और बंधुआ मजदूरी करवाई जाती है। उसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया।
बच्चियों और युवतियों की गवाही सबसे ज्यादा अहम रही
संस्था की संचालिका जसवंती देवी, उसके भाई जसवंत, बेटी सुषमा उर्फ सिमी, दामाद जय भगवान, चचेरी बहन शीला, सहेली रोशनी, ड्राइवर सतीश, कर्मचारी रामप्रकाश सैनी और काउंसलर वीना को दोषी पाया गया। 10-12 बच्चियों और कुछ युवतियों की गवाही सबसे ज्यादा अहम थी, जिन्होंने अपना घर से चलाए जा रहे सेक्स रैकेट के बारे में खुलकर बताया। ये सभी पीड़ित थीं। सभी ने कोर्ट में मुख्य आरोपी की पहचान भी की।
इन आरोपों में सजा
जसवंती, जयभगवान, जसवंत, सुषमा, ड्राइवर सतीश और शीला को रेप, गैंगरेप, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, बुरी तरह जख्मी करना, शोषण करना, गर्भपात कराना, छोटे बच्चों के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करना और जबरन काम करवाने का दोषी पाया गया। 24 अप्रैल को इन दोषों के लिए सजा सुनाई जाएगी।
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