ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों से घरों में ही रहने की अपील

Sasaram News - कोरोना वायरस अपना कहर इस कदर बरपा रहा है की क्षेत्र के बुजुर्गों को अतीत के आईने में झांकने को मजबूर कर दिया है।...

Mar 27, 2020, 07:17 AM IST

कोरोना वायरस अपना कहर इस कदर बरपा रहा है की क्षेत्र के बुजुर्गों को अतीत के आईने में झांकने को मजबूर कर दिया है। क्षेत्र के कुछ बुजुर्ग अपनी परिवार के सदस्यों के अलावे टोले मुहल्ले से जुड़े लोगों को सरकारी सलाह मानने का आग्रह करते फिर रहे हैं। मोथा पंचायत के मोथा निवासी लगातार 20 वर्षों तक सरपंच रह चुके 88 वर्षीय राम बच्चन सिंह उर्फ झुमकी सिंह , संसार डिहरी के पूर्व सैनिक 89 वर्षीय गुप्तेश्वर पाण्डेय व इसी गांव के सेवा निवृत्त रेल कर्मी 92 वर्षीय राज देव पाण्डेय बताते हैं कि आज ग्रामीण इलाका से लेकर देश - विदेश यहां तक की इटली व चीन जैसे देशों में भय का साम्राज्य कायम है। इससे बचाव हेतु संयमित रहते हुए एक दूसरे से दूरी बरतने व घरों में रहने की सलाह दी जा रही है। सरकार के मना करने के बावजूद भी घरों से निकलना सीधे मौत को दावत देने जैसा है। अतीत की बात बताते हुए इन बुजुर्गों ने कहा कि छह - सात दशक भी महामारी आती थी, जिसमे गांव के गांव व पुरा घर बिरान पड़ जाता था। प्लेग, हैजा, चेचक व कालरा जैसी बीमारी की भयावहता को सोच कर आज भी रूह कांप उठती है। बताया कि शाम को पता चलता कि गांव के अमुक आदमी को हैजा या प्लेग हो गया है। सुबह जानकारी के लिए दरवाजे तक जाने के बाद पता चलता कि वह भगवान को प्यारे हो गए। तब शहर जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं थे । बैलगाड़ी या खाट पर लाद कर बिक्रमगंज जाना पड़ता था । वहां भी अत्याधुनिक सुविधाओं से जुड़े जांच घर तथा अस्पताल नहीं थे। आज तो सुविधाएं बढ़ी हैं । लॉक डाउन के नाम पर कुछ दिनों तक घर मे ही रहना है।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना