Hindi News »Business» Apple Was Facing Bankruptcy Risk In 1997 Now World Most Valuable Company

एपल 21 साल पहले दिवालिया होने के कगार पर थी, ग्लोबल स्ट्रैटजी अपनाकर अब एक ट्रिलियन डॉलर पर

माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी कंपनियों के सामने 1997 में एपल का टिक पाना मुश्किल हो रहा था

DainikBhaskar.com | Last Modified - Aug 03, 2018, 01:31 PM IST

एपल 21 साल पहले दिवालिया होने के कगार पर थी, ग्लोबल स्ट्रैटजी अपनाकर अब एक ट्रिलियन डॉलर पर

- एपल ने पिछले साल 28 करोड़ आईफोन, आईपैड और मैक बेचे

- 1996 में एपल की मार्केट वैल्यू सिर्फ 3 अरब डॉलर थी

सैन फ्रांसिस्को. एक ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप हासिल करने वाली एपल 21 साल पहले दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई थी। 1997 में माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी कंपनियों के सामने एपल का टिक पाना मुश्किल हो रहा था। हालात ये हो गए थे कि एपल को अपने एक तिहाई कर्मचारी हटाने पड़े। कंपनी के पास सिर्फ 90 दिन का वक्त था। अमेरिका के प्रमुख अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स ने खुद यह जानकारी लोगों से साझा की थी। 1996 में एपल में अंतरिम सीईओ के तौर पर स्टीव जॉब्स की वापसी हुई। उस वक्त कंपनी का मार्केट कैप 3 अरब डॉलर था। 2011 तक जॉब्स ने एपल को 350 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया।

एपल कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी : तेज इनोवेशन, नए-नए प्रोडक्ट लॉन्च और दुनियाभर में शानदार सप्लाई सिस्टम तैयार कर एपल ना सिर्फ डूबने से बची, बल्कि दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बन गई। इसने बड़े पैमाने पर लेटेस्ट टेक्नोलॉजी वाली डिवाइस बनाईं। एपल अपने रेवेन्यू का 5% रिसर्च और डवलपमेंट पर खर्च करती है।

आईपॉड के जरिए डिजिटल म्यूजिक रिवॉल्यूशन : एपल ने 2001 में पर्सनल म्यूजिक प्लेयर आईपॉड लॉन्च किया। सबसे पहले मॉडल में 1,000 गाने स्टोर करने की क्षमता और प्ले लिस्ट बनाने जैसी सुविधाएं दी गईं। बाद में जो मॉडल बाजार में उतारे उनमें फोटो और वीडियो की सुविधा भी दी गई। टच फैसिलिटी, एप और गेम डाउनलोड के फीचर काफी पसंद किए गए।

आईफोन बना टर्निंग प्वाइंट : एपल के सीईओ स्टीव जॉब्स के सोचने का तरीका बिल्कुल अलग था। उन्हें इस बात की चिंता नहीं थी कि ग्राहक क्या सोचते हैं। वो चाहते थे कि एपल ऐसे प्रोडक्ट बनाए जिनकी लोग कल्पना भी नहीं कर सकते। 2007 में कंपनी ने आईफोन लॉन्च किया जो इसके लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। उस वक्त स्टीव जॉब्स ने कहा था कि, "स्मार्टफोन इस्तेमाल में आसान और स्मार्ट नहीं हैं लेकिन आईफोन जादू है।" आईफोन ने एपल को दुनियाभर में एक नई पहचान दिलाई। इसके लिए ग्राहक 24 घंटे तक लाइनों में लगते देखे गए। आईफोन लॉन्च होने के बाद एपल का रेवेन्यू और शेयर तेजी से बढ़ा। 9 जनवरी 2007 को मार्केट कैप 79.54 अरब डॉलर था जो 11 जुलाई 2008 को 152.88 अरब डॉलर हो गया। कंपनी ने पिछले साल 28 करोड़ आईफोन, आईपैड और मैक बेचे। इनोवेशन और रिसर्च स्ट्रैटजी को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने 2011 में आईपैड और 2014 में एपल वॉच लॉन्च की।

चुनौतियों के बावजूद बढ़ती रही कंपनी :1.56 अरब डॉलर से 1,000 अरब डॉलर का सफर तय करने के दौरान कंपनी को कई विवाद और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चीन में एपल के प्रोडक्ट्स के लिए दूसरे देशों के मैन्युफैक्चरर्स को इस्तेमाल करने पर कंपनी की निंदा हुई। कंपनी पर दूसरे देशों के सस्ते लेबर का इस्तेमाल करने और अमेरिकियों का हक छीनने के आरोप लगे।

एपल के 1 ट्रिलियन (1000 अरब) डॉलर मार्केट कैप के मायने

  • नामी कंपनी मैकीज (11.6 अरब डॉलर), राफ लॉरेन (10.5 अरब डॉलर) और हार्ले डेविडसन (7.1 अरब डॉलर) का कुल वैल्यूएशन 29 अरब डॉलर, ये एपल की नेटवर्थ का सिर्फ 3 फीसदी
  • अमेरिकी शेयर बाजार के इंडेक्स एसएंडपी-500 की 108 कंपनियों की वैल्यू 641 अरब डॉलर
  • अमेरिका के चार प्रमुख बैंकों सिटीग्रुप, वेल्स फार्गो, जेपी मॉर्गन चेज, बैंक ऑफ अमेरिका की कुल नेटवर्थ 1.16 ट्रिलियन डॉलर
  • फॉक्सवैगन, टोयोटा, जनरल मोटर्स और फोर्ड का वैल्यूएशन 389 अरब डॉलर
  • दुनिया की सभी ऑटोमेकर कंपनियों की नेटवर्थ 964 अरब डॉलर
  • दुनिया की सबसे बड़ी मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर लॉकहीड मार्टिन सिर्फ 93 अरब डॉलर की कंपनी
  • दुनिया की सभी एयरलाइंस और एविएशन कंपनियों का वैल्यूएशन 1.09 ट्रिलियन डॉलर
  • एपल को टक्कर देने वाली अमेजन, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट की कुल वैल्यू 1.73 ट्रिलियन डॉलर

38 साल में एपल का मार्केट कैप 650 गुना हुआ

तारीखमार्केट कैप
12 दिसंबर 19801.56 अरब डॉलर
11 जुलाई 2008152.88 अरब डॉलर
19 मार्च 2012560.45 अरब डॉलर
1 मई 2018831.15 अरब डॉलर
2 अगस्त 20181000 अरब डॉलर

यह भी पढ़ें : एपल का मार्केट कैप एक ट्रिलियन डॉलर, ये मुकाम हासिल करने वाली दुनिया की दूसरी कंपनी बनी

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