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डाउनलोड करेंनई दिल्ली/इस्लामाबाद/श्रीनगर. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि कश्मीर में कुछ युवा भटक गए हैं, लेकिन उन्हें जल्द ही समझ में आ जाएगा कि बंदूक से कुछ हासिल नहीं होने वाला। रावत जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री की स्थापना के सात दशक पूरा होने के मौके पर एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उधर, पाकिस्तान सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कहा कि कश्मीर मसले का हल केवल बातचीत से निकल सकता है।
रावत बोले- खूनखराबे से नहीं पूरा होगा मिशन
- रावत ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि राज्य में जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। भटके हुए युुवाओं को इस बात का एहसास हो जाएगा कि उनका मिशन इस तरह से घाटी में खून खराबे या बंदूक के बल पर पूरा होने वाला नहीं है। घाटी की स्थिति में सुधार के लिए शांति ही एकमात्र उपाय है और ज्यादातर लोग इस बात को मानते भी हैं। सभी युवाओं को राज्य की सबसे बड़ी खासियत कश्मीरियत समझाने की जरूरत है। सभी को इसके लिए काम करना चाहिए।"
- कश्मीर में स्थिति खराब होने की बात को नकारते हुए उन्होंने कहा कि वहां माहौल खराब हुआ है लेकिन स्थिति हाथ से नहीं निकली।
बाजवा ने कहा- सम्मान के साथ बातचीत को तैयार
- पाक आर्मी चीफ बाजवा ने पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी में कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच सार्थक और व्यापक बातचीत से ही कश्मीर और सीमा विवाद निपट सकता है। इस बातचीत में दोनों में किसी का पक्ष नहीं लेना होगा। क्षेत्र की शांति के लिए यह जरूरी है कि यह बातचीत बिना किसी दखल के हो। पाक संप्रभुता, गरिमा और सम्मान के साथ इस तरह की बातचीत के लिए तैयार है। हम शांतिप्रिय देश हैं और सभी देशों के साथ हम शांतिप्रिय संबंध चाहते हैं। खासतौर से पड़ोसियों के साथ।"
- बाजवा ने कहा, "शांति के लिए हमारी बातचीत की कोशिशों को हमारी कमजोरी के तौर पर ना देखा जाए। हमारी फौजें किसी भी हालात का सामना करने और जवाब देने के लिए तैयार हैं।"
6 दिन तक बॉर्डर मसलों पर चर्चा करेंगे भारतीय कमांडर
- दिल्ली में सोमवार से आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस शुरू हो रही है। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, चीन और पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा, राष्ट्र के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा होगी। सेना के मुताबिक, जनरल बिपिन रावत इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करेंगे।
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