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सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर में अनुच्छेद 35ए पर सुनवाई जनवरी तक टाली, राज्य में निकाय चुनावों के चलते फैसला

बंद को देखते हुए श्रीनगर, अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां समेत अन्य शहरों में सुरक्षा बढ़ाई गई

Danik Bhaskar | Aug 31, 2018, 02:01 PM IST

नई दिल्ली/श्रीनगर. सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर में लागू संविधान के अनुच्छेद 35ए की वैधानिकता पर सुनवाई 19 जनवरी तक टाल दी। केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार ने राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला देकर सुनवाई टालने की गुजारिश की थी। उधर, राज्य में अलगाववादियों के ऐलान पर हुए दो दिन के बंद का असर शुक्रवार को भी रहा। वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई का विरोध कर रहे हैं।

केंद्र की तरफ से पैरवी कर रहे अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि पहले स्थानीय निकाय के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से होने देना चाहिए। राज्य सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी चुनावी तैयारियों का हवाला दिया। कश्मीर में आखिरी बार पंचायत चुनाव 2011 में और नगरीय निकायों के चुनाव 2005 में हुए थे।

पांच जिलों में सुरक्षा बढ़ाई गई : अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की अगुआई वाला संगठन ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) अनुच्छेद 35ए को चुनौती दिए जाने के खिलाफ है। संगठन की ओर से राज्य में की गई हड़ताल का असर दूसरे दिन भी रहा। वाहन, बाजार, स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पूरी तरह बंद रहे। बंद को देखते हुए श्रीनगर, अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां समेत अन्य शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। श्रीनगर के कई थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगाई गई। जेआरएल में अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक भी शामिल हैं।