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नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू के चेंबर में नए कार्यकाल की शपथ ली। उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का सांसद चुना गया है। जेटली किडनी की बीमारी के चलते 3 अप्रैल को राज्यसभा में हुए शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं ले पाए थे। बता दें कि 23 मार्च को हुए राज्यसभा के चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश से 10 में से 9 सीट जीती हैं।
ट्वीट कर दी जानकरी
- अरुण जेटली ने ट्वीट कर शपथ ग्रहण की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, "15 अप्रैल 2018 को राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में शपथ ली।''
- शपथ ग्रहण के दौरान केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद मौजूद रहे।
- बता दें कि उनका पिछला कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो गया। वे गुजरात से राज्यसभा सांसद चुने गए गए थे ।
2 अप्रैल से नहीं जा पाए ऑफिस विदेश दौरा भी रद्द
- जेटली बीमारी के चलते 2 अप्रैल से अपने कार्यालय नहीं जा पाए हैं। उन्हें एम्स के बाद अब घर पर नियंत्रित माहौल में रखा जा रहा है।
- वहीं, जेटली को अपना यूके दौरा भी स्थगित कर पड़ा है। उन्हें 10वें इंडिया-यूके इकोनॉमिक और फाइनेंशियल डॉयलाग में हिस्सा लेने के लिए लंदन जाना था।
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एम्स में हुए थे भर्ती
- जेटली पिछले कुछ दिनों से किडनी की समस्या से पीड़ित हैं। 6 अप्रैल को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। यहां उनका किडनी ट्रांसप्लांट होना था।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां तीन दिन तक निगरानी में रखने के बाद 9 अप्रैल को जेटली की डायलिसिस की गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी कि वह डायलिसिस और दवाओं से बेहतर हो सकते हैं।
- डॉक्टर डायलिसिस के प्रभाव को देखने के लिए कुछ दिनाें तक इंतजार करेंगे। इसके बाद तय करेंग कि किडनी ट्रांसप्लांट जरूरी है या नहीं। वहीं, संक्रमण के जोखिम की वजह से जेटली को नियंत्रित माहौल रखा जा रहा है।
भाजपा 69 सांसदों के साथ बनी सबसे बड़ी पार्टी
- 17 राज्यों में राज्यसभा की 59 सीटों पर चुनाव प्रक्रिया 23 मार्च को पूरी हुई। भाजपा ने इनमें से 28 सीटें जीत लीं हैं।
- इन जीतों के बाद भाजपा राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। अपने 38 साल के इतिहास में वह पहली बार 69 सीटें हासिल कर पाई।
- बता दें कि भाजपा का गठन 1980 में हुआ था। भाजपा के चुनाव से पहले राज्यसभा में 58 सांसद थे।
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