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इन धाराओं के चलते बड़े से बड़े वकील भी अब तक जेल से नहीं छुड़ा पाए आसाराम को

जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम पर बुधवार को फैसला आएगा।

Danik Bhaskar | Apr 24, 2018, 10:33 PM IST

न्यूज डेस्क। जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। नाबालिग से रेप केस में बंद आसाराम को 31 अगस्त 2013 की रात इंदौर से गिरफ्तार किया था। छिंदवाड़ा गुरुकुल में पढ़ने वाली लड़की ने आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 1698 दिनों से आसाराम बेल को तरस रहा है। उसने सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में इसके लिए गुहरा लगाई। बीमारी, उम्र का हवाला दिया लेकिन कोर्ट ने आसाराम की दलीलों पर यकीन नहीं किया। इस दौरान तीन गवाहों की मौत हो चुकी है।

हम बता रहे हैं आसाराम पर किन-किन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, और इन धाराओं के तहत किसी भी व्यक्ति को कितनी सजा मिलती है? साथ ही यह भी जानिए कि कौन-सी धारा क्या अपराध करने पर लगती है?

नए एक्ट में हो गया फांसी का प्रावधान
हाल ही में सरकार ने पॉक्सो एक्ट में बदलाव किया है। इसमें नाबालिग से रेप करने पर आरोपी को फांसी पर लटकाने का प्रावधान किया गया है, लेकिन आसाराम पर यह लागू नहीं होगा। मप्र हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा ने बताया कि जो अपराध जिस समय घटित हुआ है, उस समय के प्रावधानों के अनुसार ही सजा सुनाई जाती है। नए एक्ट में ऐसा भी कहीं उल्लेखित नहीं है कि यह एक्ट पुराने प्रकरणों पर भी लागू होगा। ऐसे में यह तय है कि आसाराम को फांसी की सजा तो नहीं होगी।

उम्रकैद की सजा हुई तब भी 8 साल ही बिताना होंगे
यदि आसाराम को उम्रकैद की सजा होती है, तब भी जेल में उसे 8 साल ही बिताना होंगे। जेल मैन्यूअल के अनुसार उम्रकैद की सजा होने पर अधिकतम 14 सालों तक जेल में रहना होता है। आसाराम 2013 से जेल में बंद है। इस हिसाब से वो करीब 6 साल जेल में बिता चुका है। यह 6 साल भी 14 में से कम हो जाएंगे। इसके बाद आसाराम को 8 साल ही जेल में बिताना होंगे। वहीं यदि आसाराम को 3 साल से ज्यादा की सजा होती है, तो फिर उसे जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करना होगी।

किन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ
आसाराम पर 19 अगस्त 2013 को दिल्ली के कमलानगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आसाराम पर जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आईपीसी की धारा 342, 376, 354-ए, 506, 509/34, जेजे एक्ट 23 व 26 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत केस दर्ज किया गया था।

आगे की स्लाइड्स में जानिए उन धाराओं के बारे में, जिनके कारण आसाराम बाहर नहीं आ पाया...

कौन सी हैं धाराएं...

 

> आईपीसी की धारा 370(4)
यह धारा नाबालिग का अवैध व्यापार करने पर लगती है। इसमें 10 साल की सजा या आजीवन कारावास हो सकता है। 

 

> आईपीसी की धारा 342 यह धारा रेप के लिए बंधक बनाने पर लगी है। इसमें 1 साल की सजा का प्रावधान है। 

 

> आईपीसी की धारा 354ए, 506, 509, पॉक्सो एक्ट की धारा 7,8
यह अश्लील हरकतें और धमकाने पर लगी है। इसमें 5 से 10 साल की सजा का प्रावधान है।

 

और कौनसी धाराएं हैं, देखिए अगली स्लाइड में...

कौन सी हैं धाराएं...

 

> आईपीसी की धारा 376(2)(एफ), पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एफ) और 6
धार्मिक गुरु बन कर रेप पर यह धाराएं लगी हैं। इन धाराओं में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। इसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है। 

 

> आईपीसी की धारा 376(डी)
गिरोह बना कर रेप लगने पर यह धारा लगी है। इसमें दस साल तक की सजा का प्रावधान है।