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एशियाई खेलों में जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा होंगे भारतीय दल के ध्वजवाहक, गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता था गोल्ड

नीरज किसी भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले एथलीट

Danik Bhaskar | Aug 10, 2018, 04:28 PM IST

  • नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के समर्थन की अपील की
  • इस खिलाड़ी ने शुक्रवार को ही अपने ट्विटर अकाउंट पर इस संबंध में पोस्ट की

नई दिल्ली. इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता और पालेमबैंग शहर में 18 अगस्त से 2 सितंबर तक एशियाई खेल होने हैं। इन खेलों में भारत की ओर से 572 खिलाड़ियों का दल हिस्सा लेगा। इस दल के ध्वजवाहक जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा होंगे। नीरज चोपड़ा ने अप्रैल में हुए गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। 20 साल के नीरज ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जेवलिन थ्रो में पहली बार देश को गोल्ड दिलाया था। वे कॉमनवेल्थ गेम्स की ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले 5वें खिलाड़ी हैं।

उनसे पहले धावक मिल्खा सिंह (1958), डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पुनिया (2010), महिला 4x400 मीटर रिले टीम (2010) और शॉट पुट थ्रोअर विकास गौड़ा (2014) ही कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफल हुए हैं। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार के लिए नीरज चोपड़ा के नाम की सिफारिश भी की है।


वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप में बनाया था रिकॉर्डः नीरज के नाम वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड है। उन्होंने 23 जुलाई, 2016 को बिडगोस्च (पोलैंड) वर्ल्ड अंडर-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर का स्कोर किया था। तब वे 18 साल 212 दिन के थे। नीरज ने 2017 में भुवनेश्वर में हुई एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था। वे 2016 गुवाहाटी/शिलांग में हुए साउथ एशियन गेम्स में भी जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने में सफल रहे थे। हालांकि रियो ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल नहीं हुए थे। हरियाणा के पानीपत के रहने वाले नीरज दुनिया के उन 4 जेवलिन थ्रोअर में शुमार हैं, जो 80 मीटर से ज्यादा दूर थ्रो कर सकते हैं।


डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई कियाः एक किसान के बेटे नीरज ने हाल ही में दुनिया की प्रतिष्ठित एथलीट प्रतियोगिताओं में शुमार डायमंड लीग के फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने पिछले महीने की शुरुआत में रबात (मोरक्को) में हुए डायमंड लीग सीरीज के 10वें चरण में 83.32 मीटर का थ्रो किया था। वे वहां 5वें स्थान पर रहे थे। इससे उन्हें 4 डायमंड लीग अंक मिले। लीग का फाइनल 30 अगस्त को ब्रसेल्स में होगा। डायमंड लीग में 14 चरण होते हैं। इसमें दुनिया के शीर्ष एथलीट भाग लेते हैं। टॉप-8 में रहने वाले खिलाड़ियों को 1,000 से 10,000 डॉलर तक की इनामी राशि मिलती है।