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डाउनलोड करेंनेशनल डेस्क. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, झारखंड, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मंगलवार को नकदी का संकट पैदा हो गया। कुछ राज्यों में एटीएम में कैश नहीं होने की शिकायत तो कुछ जगहों पर 2000 के नोटों की कमी की बात सामने आई। मामला बढ़ा तो वित्त मंत्रालय, आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग और उसके सचिव को अलग-अलग बयान जारी करने पड़े। जेटली ने कहा, "अचानक मांग बढ़ने से ये समस्या आई है, लेकिन ये कुछ समय की बात है और इसे जल्द दूर किया जाएगा।"
आरबीआई ने कहा- पर्याप्त नकदी है
- आरबीआई का कहना है कि उसके पास पर्याप्त नकदी है। लॉजिस्टिक वजहों से कुछ राज्यों में एटीएम में नकदी भरने और कैलिब्रेशन की प्रक्रिया जारी रहने से दिक्कतें हैं। फिर भी सभी चार नोट प्रेसों में छपाई तेज कर दी गई है।
शिवराज ने दिया था बयान- गायब हो रहे 2000 के नोट, ये साजिश है
- कई राज्यों में कैश की किल्लत की खबरें पिछले हफ्ते से आ रही थीं, लेकिन सोमवार को मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह के बयान के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया।
- एमपी के शाजापुर में हुई एक सभा में शिवराज ने कहा, "बाजार से 2000 का नोट गायब हो रहा है। ये नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है। यह षड्यंत्र है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कतें पैदा हों।"
बिहार-झारखंड में क्षमता से 80% नोट कम, गुजरात-आंध्र में पिछले हफ्ते से परेशानी
एटीएम में कैश नहीं: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र में एटीएम में कैश नहीं होने की खबरें हैं। गुजरात, आंध्र और तेलंगाना में पिछले हफ्ते से ही एटीएम में कैश की दिक्कत की बात सामने आई है।
2000 के नोट नहीं:मध्य प्रदेश में 2000 के नोटों की किल्लत की बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कही। यहां के कई शहरों में एटीएम में कैश की किल्लत की खबरें हैं। बिहार में भी कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने 2000 के नोटों की कमी की बात कही है। उन्होंने कहा कि बैंकों में रकम का 10% ही 2000 के नोट बचे हैं, जबकि इनकी हिस्सेदारी 50% है।
नोटबंदी जैसे हालात नहीं-एसबीआई, किल्लत की वजह भी बताई
- एसबीआई के चेयरमैन रजनीश सिन्हा ने कहा, "नोटबंदी जैसे हालात नहीं हैं। नोटबंदी के वक्त पैसा सिस्टम से निकाला गया था, इसलिए परेशानी हुई थी। अभी ऐसी स्थिति नहीं है। ये अस्थायी समस्या है। दरअसल, ये हालात भौगोलिक वजहों से बने हैं। पहली वजह ये है कि सरकारी खरीद का सीजन शुरू हो गया है और किसानों को दिया जाने वाला पेमेंट भी बढ़ गया है। हालांकि, एक हफ्ते के भीतर हालात सामान्य हो जाएंगे। इसका एक उपाय ये भी है कि कैश मैनेजमेंट की व्यवस्था ढंग से हो।"
राहुल ने कैश संकट का जिम्मेदार मोदी को ठहराया
- राहुल ने कहा, "मोदीजी ने बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद कर दिया। नीरव मोदी 30 हजार करोड़ लेकर भाग गया, लेकिन मोदी ने इस पर एक शब्द नहीं कहा। मोदी ने जनता की जेब से 500 और 1000 के नोट निकालकर नीरव मोदी की जेब में डाल दिए। पूरी जनता को लाइन में लगाया। मोदी पार्लियामेंट में खड़े होने से डरते हैं। हमें 15 मिनट का भाषण मिल जाए पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री खड़े नहीं हो पाएंगे।"
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