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डाउनलोड करेंरायपुर. नगर निगम के करीब ढाई हजार से ज्यादा कर्मचारी इन दिनों अपनी हाजिरी को लेकर परेशान हो रहे हैं। एक अप्रैल से निगम ने नया फरमान जारी किया है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम बंद कर अब सभी कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचकर अपनी सेल्फी लेकर मोबाइल एप के जरिये ही उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है। इस आदेश से वे लोगों ज्यादा परेशान हैं जिनके पास न तो स्मार्ट फोन है न ही उन्हें इस तरह हाजिरी लगाने की ट्रेंनिंग दी गई है। इससे निगम में काम के लिए आने वाले आम लोगों को भी देरी हो रही है।
एंड्राइड मोबाइल न होने से दिक्कत
अधिकतर कर्मचारी अपनी हाजिरी के लिए एक-दो घंटे इधर-उधर भटकते रहते हैं, इस दौरान लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरे जिनके पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है, वे भी दिक्कत में हैं क्योंकि निगम का अटेंडेंस मोबाइल एप निष्ठा सिर्फ उसमें ही चलता है।
एंड्राइड फोन रखना जरुरी
रायपुर निगम पिछले साल से कर्मचारियों के अटेंडेंस को लेकर प्रयोग कर रहा है। पहले हाजिरी के लिए बॉयोमेट्रिक मशीन लगाकर पंचिंग करना अनिवार्य किया गया। इसे लेकर भी पहले कुछ दिक्कतें आईं, फिर पंचिंग करना सीख गए। निगम मुख्यालय के गेट के पास ही यह मशीन लगाई थी, इससे आते-जाते कर्मचारी अपनी उपस्थिति आसानी से दर्ज करा लेते थे। अब एक अप्रैल से फिर नई व्यवस्था लागू करते हुए निगम के सभी कर्मचारियों को एंड्राइड मोबाइल रखना जरूरी हो गया है।
भास्कर की पड़ताल में सामने आई जानकारी
भास्कर की पड़ताल में पता चला कि लगभग निगम में कार्यरत करीब ढाई हजार कर्मचारियों के पास स्मार्ट फोन ही नहीं है, ऐसे में वे अपने साथी कर्मी की मदद से सेल्फी लेकर एप से अटेंडेंस लगा रहे हैं। इसे लेकर कर्मचारियों का कहना है कि अचानक यह नियम बना दिया गया है। इसे लेकर न तो पहले जानकारी दी गई। अब ऐसे में काम से ज्यादा ध्यान सेल्फी लेकर अटेंडेंस लगाने में जाता है। स्मार्ट मोबाइल न होने से और परेशानी हो रही है। कई सीनियर कर्मचारी हैं, जो स्मार्ट फोन का इस्तेमाल ही नहीं करते हैं, अब उन्हें ज्यादा दिक्कत हो रही है।
इंटरनेट चालू कर एप के जरिये सेल्फी भेजना अनिवार्य
सभी कर्मचारियों के पास एंड्राइड फोन का होना जरूरी है। इसके साथ ही नेट पैक भी होना चाहिए, जिससे कि एप के जरिये ऑनलाइन कर अटेंडेंस शो करेगा। अटेंडेंस लगाने के लिए एप को चालू कर सेल्फी लेना होगा। उसके बाद उसमें दिए गए टेबल के आधार पर जानकारी भी देनी हाेगी। इसके बाद ही अटेंडेंस एसेप्ट होगा। इसे लेकर भी कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।
कई कर्मचारियों को पता नहीं कैसे चलाना है एप
नगर निगम में एप से हाजिरी दर्ज करने में कुछ लोगों को परेशानी होने लगी है। कुछ जोन में एेसे लोगों को एक सप्ताह की छूट दी गई थी जिनके पास एंड्राएड मोबाइल नहीं है। उन्हें स्टाफ के दूसरे के मोबाइल में आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर अटेंडेंस लगाने को कहा गया है। लेकिन उसके बाद उनको अपने अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था खुद करनी होगी। कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी सैलरी उतनी नहीं है कि वे 8-10 हजार रुपए का एंड्राइड मोबाइल खरीद सकें। वे किसी तरह खरीद भी लेंगे तो वे उसे चलाएंगे कैसे यह भी बड़ा सवाल है क्योंकि उन्हें किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं दी गई है। ट्रेनिंग के नाम पर सभी जोन के कम्यूटर ऑपरेटर आैर सैलरी बनाने वाले बाबू को ही ट्रेंड किया गया है, जो अभी भी ठीक से नहीं चला पा रहे हैं। इसी एप में अटेंडेंस के अलावा छुट्टी के लिए आवेदन, अपने साथ के कर्मचारियों के अटेंडेंस का रिकॉर्ड समेत सभी चीजें हैं।
दफ्तर से हटा दी गई है पंचिंग मशीन
पिछले एक साल से पंचिंग से बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने की प्रक्रिया नगर निगम आैर सभी आठों जाेनों में चल रही थी। लेकिन अब मुख्यालय समेत सभी जोन दफ्तरों से पंचिंग मशीन हटा ली गई है। क्योंकि निगम कमिश्नर ने एक अप्रैल से सभी कर्मचारियों की हाजिरी मोबाइल एप से ही करना अनिवार्य कर दिया है।
नियमित के साथ ठेका कर्मचारियों के लिए भी
निगम में काम कर रहे नियमित के साथ दैनिक वेतन भोगी आैर प्लेंसमेंट के ठेके कर्मचारियों के लिए भी इस एप से अटेंडेंस लगाना जरूरी है। निगम में नियमित कर्मचारी करीब 1700 है। जबकि प्लेसमेंट कर्मी 3000 से ज्यादा है। इसके लिए सबको मोबाइल नंबर आैर आधार नंबर भी देना जरूरी है। सभी को दफ्तर आने और जाने के दौरान हाजिरी लगाना है। इस एप से अटेंडेंस लगाने के लिए रजिस्टर्ड लाेकेशन पर रोज पहुंचना होगा और स्मार्ट फोन में निष्ठा एप खोलकर सेल्फी खींचनी होगी। गलत लोकेशन पर होने से कर्मचारी का उस दिन का वेतन काट दिया जाएगा।
200 मीटर के दायरे में ही हो सकता है अटेंडेंस
निष्ठा नाम से बनाए गए मोबाइल एप को डाउनलोड करने के बाद कर्मचारी अपने केबिन या बैठने की जगह से ही अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करेगा। इसके लिए उसे अपने बैठने की जगह या मुख्यालय के 200 मीटर दायरे पर होना अनिवार्य है, तभी जाकर यह अटेंडेंस शो होगा। इस सीमित दायरे से फील्ड में रहने वाले कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि दूर रहने पर हमारा अटेंडेंस शो नहीं करता। ऐसे में देरी हो जाती है।
फोन वाले सहकर्मियों के न आने से और दिक्कत
निगम के अफसरों का कहना है कि जिन कर्मचारियों के पास स्मार्ट फोन नहीं है, अपने सहकर्मी की मदद से ही हाजिरी लगाते हैं। लेकिन जिस दिन एंड्राइड मोबाइल वाले साथी नहीं आते हैं तो उन्हें ड्यूटी के लिए तय समय में ही अपनी उपस्थिति देने में परेशानी होती है। वे एंड्राइड मोबाइल वालों को तलाशते रहते हैं।
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