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सुसाइड करने तालाब में कूदा ऑटो चालक, बोट चलाने वाला स्टाफ 50 सेकंड में ही पहुंचा और बचा ली जान...

3 वर्ष पहले
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उदयपुर. फतहसागर किनारे मुंबइया बाजार के पास शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे आम दिनों की तरह चहल पहल थी। मुंबइया बाजार की तरफ से तेज रफ्तार ऑटो बोटिंग स्टैंड की तरफ आता दिखा। ऑटो यहां से कुछ ही मीटर की दूरी पर गुरु गोविंद सिंह पार्क की मुख्य फाटक के सामने पहुंचा और बीच राह यू टर्न ले लिया, लगा जैसे स्टंट हो। कर्व स्टैंड से टकराकर ऑटो रुका ही था कि इसे चला रहा युवक चीखता-चिल्लाता निकला और देखते ही देखते बंसियों पर चढ़कर उसने झील में छलांग लगा दी। मैं कैमरा लिए खड़ा था अचानक समझ नहीं पाया। आगे हुआ ये...

 

- फोटो जर्नलिस्ट ने अमित राव ने शोेर मचाया- कोई पानी में कूद गया है... बचाओ...। यह सुनते ही बोटिंग कंपनी के कालू भाई ने भी शोर मचा दिया।

- चंद पलों में भीड़ बंसियों की ओर दौड़ पड़ी। हालांकि पानी में कूदने की हिम्मत कोई नहीं कर पाया।

- कालू भाई ने स्टैंड से स्पीड बोट रेस्क्यू के लिए भिजवा दी, जो एक मिनट से भी कम समय में पानी में डूबते-उतराते युवक तक पहुंच गई और उसे हाथ पकड़ कर निकाल लिया गया।

- यह रेस्क्यू स्पीड बोट चलाने वाले नारायण, सहयोगी शाकिर और भैरू की टीम ने किया।

- बाहर आने के बाद कुछ ही देर में युवक संभल गया। अपना नाम अब्दुल वहीद रंगरेज (राजू) और पता 72 ओटीसी स्कीम बताया। 

 

ऑटो में मिला नोट


राजू के ऑटो से पर्स, मोबाइल और सुसाइड नोट मिला। इसमें कुछ लोगाें का जिक्र है, जिन्होंने कंपनी बनाकर उससे वसूली की। उसे मेंबर के रूप में जोड़ा गया था। राजू ने लिखा है कि उस पर दबाव बनाया जा रहा था। इसलिए डिप्रेशन में यह कदम उठा रहा है। इधर, अंबा माता थानाधिकारी चैना राम ने बताया कि ऐसी घटना हुई है। एक युवक को बचाया गया है। 

 

उसका हाथ ही दिख रहा था, कुछ सेकंड और देर होती तो


किनारे पर शोर मचा था। भीड़ हाथों से इशारा कर रही थी। उसी दिशा में देखा तो कोई पानी में हाथ-पैर मारकर बचने की कोशिश कर रहा था। हमने तुरंत स्पीड बोट स्टार्ट की और उसके पास पहुंच गए। उसका हाथ ही दिख रहा था, जिसे पकड़कर उसे बोट में ले लिया। भैरू मीणा 

 

बाहर आकर भी वह बेबोश था 


हम बोटिंग स्टैंड के पास थे। युवक को पानी में डूबता देख हम स्पीड बोट की ओर दौड़ पड़े और बोट युवक की ओर भगा दी। भैरू और मैंने मजबूती से युवक को हाथ पकड़कर खींच लिया। बाहर आने के बाद भी वह बदहवास था। शाकिर खान 

 

बोटिंग स्टैंड से घटना स्थल का फासला ज्यादा नहीं था। हमारी स्पेयर स्पीड बोट हमेशा की तरह तैयार थी। जैसे ही युवक के पानी में कूदने का पता चला, हम पहुंच गए। स्पीड बोट नियमित रूप से चलाने से रेस्क्यू में हड़बड़ाहट जैसा कुछ नहीं हुआ। नारायण मीणा 

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