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म्यूचुअल फंड एक्सपर्ट करण दत्त का कॉलम: सरप्लस पैसे का इस्तेमाल निवेश राशि बढ़ाने में करे

म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे अच्छा जरिया सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी है।

Danik Bhaskar | Jun 19, 2018, 10:53 AM IST
करण दत्त, चीफ बिजनेस ऑफिसर, एक्सिस म्यूचुअल फंड करण दत्त, चीफ बिजनेस ऑफिसर, एक्सिस म्यूचुअल फंड

नए साल की शुरूआत बोनस, सैलरी इन्क्रीमेंट, सरप्लस फंड जैसी बातों से होती है। लेकिन अक्सर यह सरप्लस पैसा या तो बैंक खाते में यूं ही पड़ा रहता है या हम उसे अनाप-शनाप खर्च कर देते हैं। आप इस सरप्लस पैसे को म्यूचुअल फंड में मौजूदा निवेश में भी जोड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे अच्छा जरिया सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी है। लेकिन अगर आपके पास अतिरिक्त पैसे आ गए हैं तो उससे अतिरिक्त यूनिट भी खरीद सकते हैं।

बाजार में गिरावट का फायदा उठाएं: आमतौर पर बाजार चक्र में चलते हैं। ये समय-समय पर निवेशकों को खरीदने का मौका देते हैं। शेयर भाव गिरने पर उन्हें खरीदने का मौका रहता है। इससे आपके पोर्टफोलियो की औसत लागत कम होती है। यही बात म्यूचुअल फंडों पर भी लागू होती है। इसे उदाहरण से समझते हैं :-
मान लीजिए आप एसआईपी से इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। हर महीने 10 तारीख को आपके खाते से 2 हजार रुपए कट जाते हैं। अब खर्चों के बाद आपके पास 5 हजार रुपए बच गए। मार्केट की चाल भी नीचे है। आप 5 हजार रुपए की बचत को एसआईपी के अलावा निवेश कर सकते हैं। समझदार निवेशक स्टॉक या बांड की कीमत नीचे जाती है तो उसमें निवेश करते हैं।

अतिरिक्त निवेश से कैसे फायदा होता है?
मान लीजिए आपका 2,000 रुपए का एसआईपी 20 साल यानी 240 महीने के लिए है। आपने यह एसआईपी अकाउंट बच्चे की उच्च शिक्षा, बेटी की शादी या ऐसे लांग टर्म लक्ष्य के लिए खोला है। एसआईपी के जरिए 20 साल में आप 4.8 लाख रुपए निवेश करेंगे। आपका निवेश लंबे समय के लिए है। इसलिए आपका पोर्टफोलियो गिरावट और तेजी के कई चक्र से गुजरेगा। जब बाजार नीचे जा रहा हो, तब आपके लिए निवेश का फैसला लेना मुश्किल होगा। लेकिन निवेश का आदर्श मंत्र यही है- बाई लो एंड सेल हाई। यानी गिरावट में खरीदें, तेजी में बेचें। यह बात इक्विटी समेत सभी एसेट क्लास पर लागू होती है।

लांग टर्म में कंपाउंड रिटर्न मिलेगा
बाजार में गिरावट के समय सरप्लस पैसे से यूनिट खरीदना बुद्धिमानी है। लांग टर्म में इससे आपको कंपाउंड यानी चक्रवृद्धि रिटर्न मिलेगा। अपने लक्ष्य के लिए ज्यादा रकम मिलेगी। हो सकता है कई बार व्यस्तताओं के कारण बाजार पर रोज नजर ना रख पाएं। ऐसे में फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकते हैं। अतिरिक्त खरीदारी के बारे में एडवाजर को पहले से बता कर रखें। जब भी उचित मौका आएगा, वह आपको बता सकता है।
- ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।

आप सरप्लस पैसे को म्यूचुअल फंड में मौजूदा निवेश में भी जोड़ सकते हैं। -सिम्बॉलिक इमेज आप सरप्लस पैसे को म्यूचुअल फंड में मौजूदा निवेश में भी जोड़ सकते हैं। -सिम्बॉलिक इमेज