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डाउनलोड करेंहेल्थ डेस्क। यदि हम एक बार महीने में या 15 दिन में आंतों की सफाई कर लें तो शरीर की यह मशीन लगभग नई होकर अपना काम फिर से बेहतरीन अंदाज में करने लगती है। इस काम के लिए आयुर्वेद में एक विधि है जिसे विरेचक कहा जाता है इसे घर पर ही कि जा सकती है। इसके लिए घर पर ही हम आयुर्वेद का एक फॉर्मूला प्रयोग कर सकते हैं। यह फॉर्मूला है त्रिफला। त्रिफला असल में आंवला, हरड़ और बहेड़े के समभाग पाउडर का मिश्रण है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट श्री अबरार मुल्तानी बताते हैं कि हम जो भी खाते हैं फल, सब्ज़ी, अन्न, पानी वह सब हमारा शरीर बन जाते हैं। हमारे अद्भुत पेट मे उसका पाचन होकर वह शरीर की कोशिकाओं और अंगों का पोषण करते हुए नए शरीर का निर्माण करता है।
पचने के बाद बचे हुए भोजन के अवशेष को वेस्ट कहते हैं और इसका समय- समय पर निष्काषन होना ज़रूरी है। यदि इस मल को निष्कासित करने में देरी होती है तो यह पेट की क्रियाविधि को प्रभावित करता है और शरीर मे टॉक्सिन बढ़ाता है। यहां बताई जा रही विधि का प्रयोग हम 15 दिन में एक बार कर लें तो कई सारी बीमारियों से बच सकते हैं।
आगे की स्लाइड्स पर जानिए इस प्रयोग को करने की विधि...
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