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गहनों का गुम होना माना जाता है अपशकुन, शुरू हो सकता है आपका बुरा समय

मान्यता है कि अच्छे मुहूर्त में खरीदे गए सोने से घर में लक्ष्मी का स्थाई निवास होता है।

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 05:00 PM IST

रिलिजन डेस्क। हमारे धर्म ग्रंथों में कई धातुओं का वर्णन मिलता है। कुछ धातु पूजा के लिए उपयुक्त मानी गई है तो कुछ अन्य कामों के लिए। इन सभी में सोने व चांदी का महत्व सबसे ज्यादा है। मान्यता है कि अच्छे मुहूर्त में खरीदे गए सोने से घर में लक्ष्मी का स्थाई निवास होता है। भारतीय समाज में प्राचीन समय से ही महिलाओं द्वारा सोने व चांदी के आभूषण पहनने की परंपरा रही है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, सोने के बारे में एक अन्य मान्यता ये भी है कि सोने के गहने का मिलना या गुम होना दोनों ही अपशकुन होता है। दरअसल, सोने का संबंध गुरु ग्रह से माना गया है। इसलिए सोने के गुम होने या मिलने पर गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव का सामना करना पड़ता है। गुरु ग्रह को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। जिसकी कुंडली में गुरु खराब हो या बुरी स्थिति में हो तो दुर्भाग्य कभी पीछे नहीं छोड़ता है। आभूषणों के खोने से जुड़ी कई मान्यताएं भी हमारे समाज में प्रचलित हैं। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं-


1. कान का गहना यानी ईयर रिंग गुम हो जाए तो कोई बुरी खबर सुनने को मिल सकती है।
2. गले का हार खो जाए तो धन-संपत्ति में कमी आ सकती है।
3. हाथ का कंगन खो जाए तो मान-सम्मान में कमी आ सकती है।
4. कमरबंद गुम हो जाए तो कोई बड़ी परेशानी आ सकती है।
5. दाएं पैर की पायल गुम हो जाने पर सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है।
6. बाएं पैर की पायल का गुम हो जाना यात्रा में दुर्घटना की ओर संकेत करता है।
7. नाक की नथ या लोंग खो जाने पर बदनामी या अपमान का सामना करना पड़ सकता है।
8. सिर का आभूषण खो जाए तो पारिवारिक तनाव हो सकता है।