• Home
  • Jeevan Mantra
  • Jyotish
  • Rashi Aur Nidaan
  • baglamukhi jayanti 2018, maa baglamukhi puja, 23 अप्रैल को कर लें इस देवी के उपाय, एक दिन की पूजा से दूर हो सकती है गरीबी और बुरी नजर
--Advertisement--

23 अप्रैल को कर लें इस देवी के उपाय, एक दिन की पूजा से दूर हो सकती है गरीबी और बुरी नजर

मां बगलामुखी की पूजा से हमारी बड़ी-बड़ी परेशानियां दूर हो सकती हैं।

Danik Bhaskar | Apr 22, 2018, 10:37 AM IST

रिलिजन डेस्क। सोमवार, 23 अप्रैल को देवी दुर्गा के एक स्वरूप मां बंगलामुखी की जयंती है। दस महाविद्या में से बगलामुखी आठवां स्वरूप है। मां बगलामुखी पीले रंग की मानी गई है, इसीलिए इन्हें पीतांबरा भी कहा जाता है और इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. दयानंद शास्त्री के अनुसार मां बगलामुखी अपने भक्तों की सभी परेशानियां दूर करती हैं, शत्रुओं से रक्षा करती हैं, बुरी नजर और बुरी शक्तियों से बचाती हैं। देवी मां को पीला रंग बहुत प्रिय है, इस कारण इनकी पूजा में पीले रंग की पूजन सामग्री का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है। यहां जानिए 23 अप्रैल को बगलामुखी मां के सामने कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…

सावधानियां

देवी मां के इस स्वरूप की पूजा बहुत सावधानी से करनी चाहिए। अगर पूजा में कोई कमी रह जाती है तो पूजा का बुरा फल भी मिल सकता है। इसी वजह से किसी ब्राह्मण के मार्गदर्शन में ही देवी के इस स्वरूप की पूजा करेंगे तो बेहतर रहेगा। साथ ही, देवी के भक्तों को साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

गरीबी से मुक्ति के लिए करें ये उपाय

दरिद्रता के मुक्ति चाहते हैं तो मां बगलामुखी के सामने हल्दी की माला का उपयोग करते हुए इस मंत्र का जाप 108 बार या 1008 बार करें।

मंत्र- श्रीं ह्रीं ऐं भगवती बगले मे श्रियं देहि देहि स्वाहा।

इस मंत्र का जाप सही उच्चारण के साथ करें। अगर जाप करने में कोई परेशानी आ रही हो तो किसी अन्य ब्राह्मण से जाप करवा सकते हैं।

मां बगलामुखी की कृपा पाने के लिए

बगलामुखी जयंती पर देवी मां हल्दी की दो गांठ चढ़ाएं। पूजा करें और पूजा के बाद एक गांठ अपने पास रख लें। इस उपाय से देवी मां की कृपा हमारे साथ रहती है और बुरी नजर से रक्षा होती है।

मां बंगलामुखी की पूजा की सरल विधि

सुबह जल्दी उठें, घर की साफ-सफाई करें। गौमूत्र का छिड़काव करें। स्नान आदि नित्य कर्मों के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। घर के मंदिर में श्रीगणेश की पूजा करें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का आसन बिछाएं। आसन पर मां बंगलामुखी की फोटो या मूर्ति स्थापित करें। देवी के सामने के धूप-दीपक जलाएं। वस्त्र, फूल, प्रसाद सही देवी पूजा की पूजन सामग्री चढ़ाएं। ध्यान रखें पूजा में पीले रंग के फल और पीले वस्त्र ही चढ़ाएं।