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बैंकों के 10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर, वेतन में सिर्फ 2% बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध

बैंककर्मियों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है

Danik Bhaskar

May 31, 2018, 11:40 AM IST
हड़ताल की वजह से इस महीने की सैलरी देर से आ सकती है। वहीं, एटीएम से ट्रांजैक्शन पर भी असर पड़ने की आशंका है।  (फाइल) हड़ताल की वजह से इस महीने की सैलरी देर से आ सकती है। वहीं, एटीएम से ट्रांजैक्शन पर भी असर पड़ने की आशंका है। (फाइल)

  • बैंककर्मी 2% बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मजाक बता रहे हैं
  • पहले बैंक कर्मचारियों के वेतन में 15% तक बढ़ोतरी की गई थी

मुंबई. देशभर के 10 लाख से ज्यादा बैंककर्मी बुधवार से दो दिन की हड़ताल पर हैं। ये लोग इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) की ओर से वेतन में सिर्फ 2% बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि 5 मई को इस मुद्दे पर हुई बैठक में आईबीए ने ये प्रस्ताव दिया था। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में 2% इजाफा कोई मायने नहीं रखता। हड़ताल की वजह से सैलरी का इंतजार लंबा हो सकता है। एटीएम ट्रांजैक्शन भी प्रभावित हो सकते हैं।

आंध्रप्रदेश, तेलंगाना में 85,000 कर्मचारी हड़ताल पर
31 बैंकों की 13,000 शाखाओं के 85,000 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मचारी यूनियन के नेताओं का कहना है कि चेक क्लीयरिंग समेत सभी बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से बाधित हैं, गुरुवार को भी यही स्थिति रहेगी।

महाराष्ट्र के 60,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक देवीदास तुलजापुरकर के मुताबिक 12,000 शाखाओं के 60,000 कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं।

बैंक कर्मचारियों की मांगें
- वेतन निर्धारण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
- वेतन-भत्तों में उचित बढ़ोतरी की जाए।
- सभी ग्रेड के अधिकारियों को शामिल किया जाए।
- अन्य सेवा शर्तों में सुधार किया जाए।

- इन मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और आईबीए के बीच 2 मई 2017 से 12 नवंबर 2017 के बीच 13 बैठकें हुई थीं। हाल ही में 5 मई को इस मुद्दे पर आखिरी बातचीत हुई है। बैंक कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी पिछले साल नवंबर से बकाया है।

बैंकों में दो दिन काम नहीं
- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले यह हड़ताल हो रही है। इस फोरम से देशभर की 9 बैंक यूनियन जुड़ी हैं। इनमें एसबीआई समेत दूसरी सरकारी बैंकों के 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। बुधवार की सुबह 6 बजे से हड़ताल शुरू हो चुकी है जो एक जून की सुबह तक चलेगी। इससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा और लोगों को परेशानी होगी।

पिछली बार 15% बढ़ोतरी, इस बार सिर्फ 2% क्यों ?
- एक नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017 तक बैंक कर्मचारियों के वेतन में 15% तक बढ़ोतरी की गई थी। ऐसे में बैंककर्मी 2% बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मजाक बता रहे हैं। आईबीए ने ये भी कहा कि अधिकारियों की मांग पर बातचीत स्केल-III तक के अधिकारियों तक सीमित होगी।

एनपीए की वजह से बैंकों को घाटा, कर्मचारी जिम्मेदार नहीं: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस
- आईबीए ने बैंकों के घाटे का हवाला देते हुए वेतन में 2% बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया। बैंक कर्मचारी इसे गलत बता रहे हैं। उनके मुताबिक सरकारी बैंकों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ रहा है लेकिन इसका 70% एनपीए की प्रोविजनिंग में जा रहा है।
- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक देवीदास तुलजापुरकर ने कहा कि नोटबंदी समेत जन-धन, मुद्रा और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाओं के लिए पिछले 2-3 साल में बैंक कर्मचारियों ने काफी मेहनत की है। कर्मचारियों पर काम का बोझ काफी बढ़ गया है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हड़ताल हो रही है। इस फोरम से देशभर की 9 बैंक यूनियन जुड़ी हैं।  (फाइल) यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हड़ताल हो रही है। इस फोरम से देशभर की 9 बैंक यूनियन जुड़ी हैं। (फाइल)
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