पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंग्वालियर. पुरानी छावनी में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में मंगलवार को लुटने से बच गया। बैंक में अाए 3 हथियारबंद बदमाशों ने कर्मचारियों पर कट्टे तान दिए। दो असिस्टेंट मैनेजर और कैशियर पर कट्टे अड़ाते हुए बोले- कोई भी अपनी जगह से नहीं हिलेगा। इसके बाद कैशियर और असिस्टेंट मैनेजर एक हथियारबंद बदमाश से भिड़ गए। जान की परवाह किए बिना बदमाशों से भिड़ गए...
- दूसरे बदमाश ने गोली चलाई तो महिला असिस्टेंट मैनेजर ने टेबल के नीचे हाथ डालकर अलार्म बजा दिया। इससे बदमाश घबरा गए और अपना एक कट्टा तथा बैग छोड़कर भाग निकले।
- बैंक अफसर ने डायल-100 पर फोन लगाया। इसके बाद पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
हथियारों के साथ पहुंचे थे बदमाश
- बैंक में दोपहर बाद 3.48 बजे 3 हथियारबंद बदमाश पहुंचे थे। इस समय बैंक में असिस्टेंट मैनेजर संदीप कुमार, अंजलि देहल तथा कैशियर जसपाल सिंह मौजूद थे।
- एक बदमाश कुछ देर पहले पहुंच गया था, इसके बाद उसके 2 और साथी पहुंचे और उन्होंने कट्टे निकालकर असिस्टेंट मैनेजर तथा कैशियर पर तान दिए।
- कैशियर रूम में रुपए लूटने के लिए भागे। असिस्टेंट मैनेजर संदीप कुमार ने हिम्मत दिखाई और कैश रूम में घुस रहे बदमाश को पीछे से पकड़ लिया।
- इस बीच कैशियर जसपाल भी निकल आए और उन्होंने संदीप की मदद की और इससे कट्टा छीन लिया। बदमाशों के दूसरे साथी ने कट्टे से फायर कर दिया जो कैश रूम के बाहर छत पर लगा।
- यह देखकर असिस्टेंट मैनेजर अंजलि ने अलार्म बजा दिया। अलार्म बजते ही बदमाश भाग गए। वारदात के समय बैंक में 7 लाख रुपए थे।
3 रीयल हीरो: जान की परवाह किए बिना बदमाशों से भिड़ गए
बैंक में एक युवक आया। वह वाउचर भरने लगा। कुछ सेकंड बाद दो युवक और आए। इन तीनों ने हम पर कट्टे तान दिए। एक युवक कट्टा लेकर कैशियर के रूम की ओर जाने लगा। मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया। कैशियर जसपाल सिंह भी उससे भिड़ गए। इसी दौरान वे फायर कर भाग निकले। -संदीप कुमार, असिस्टेंट मैनेजर
गोली चली तो घबरा गई थी फिर भी अलार्म बजा दिया
एक बदमाश ने मुझ पर भी गन तान दी थी। मुझे लगा कि आज यह लोग हमें मार ही डालेंगे। संदीप एक बदमाश से भिड़ गए और कट्टा छीन लिया। दूसरे बदमाश ने गोली चला दी। इस बीच मैंने टेबल के नीचे लगे अलार्म के स्विच को दबा दिया। अलार्म बजते ही बदमाश घबराकर भाग गए। -अंजलि देहल, असिस्टेंट मैनेजर
आर्मी से रिटायर हूं, संदीप को संघर्ष करते देखा तो मैं भी साथ हो गया
मैं 1996 में आर्मी से हवलदार के पद से रिटायर हुआ हूं। इसके बाद बैंक ज्वाॅइन की। बदमाशों को देखकर मैं कैश रूम से बाहर निकला। मैंने संदीप की मदद से एक बदमाश को पटक लिया। शुक्र है इस बदमाश के पास जाे कट्टा था उसमें गोली नहीं थी, अन्यथा कुछ भी हो सकता था।
-जसपाल सिंह, कैशियर
बैंक में लूट का प्रयास हुआ है, सीसीटीवी फुटेज से मिले हुलिए के आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही है। -दिनेश कौशल, एएसपी
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.