पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंपवन कुमार बंसल
रेलगेट घोटाले में घिरे रेल मंत्री पवन बंसल ने शुक्रवार शाम इस्तीफ़ा दे दिया.
बंसल के भांजे विजय सिंगला की गिरफ़्तारी के बाद से ही बंसल पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ता जा रहा था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अपने इस्तीफ़े पर चल रही अटकलबाज़ी को विराम देते हुए कहा, \"मैने इस्तीफा दे दिया है.\"
विजय सिंगला को सीबीआई ने कथित तौर 90 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया था.
कहा जा रहा है कि सिंगला ने यह पैसा कथित रूप से रेलवे बोर्ड के एक सदस्य महेश कुमार को एक ख़ास पद देने की एवज में दिया गया था.
पूरा सौदा 10 करोड़ रुपये में हुआ था और 90 लाख रुपये उसी सौदे की पहली किस्त थी.
बंसल के निजी सचिव राहुल भंडारी से सीबीआई की पूछताछ के बाद से बंसल की मुश्किलें और बढ़ गई थीं.
राहुल भंडारी 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बंसल अपने लिए चार रेलवे यूनियनों के माध्यम से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे थे, जिनका कहना था कि बंसल एक काबिल प्रशासक हैं जो रेलवे को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं.
विपक्षी दल लगातार बंसल और कानून मंत्री अश्वनी कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर संसंद में काफ़ी हंगामा हुआ था.
मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने ऐलान कर दिया था कि दोनों मंत्रियों के इस्तीफ़े तक संसद नहीं चलने दी जाएगी.
बंसल के इस्तीफ़े की अटकलें गुरुवार को और तेज हो गई थीं जब वह मंत्रिमंडल की एक बैठक में शामिल नहीं हुए. इस बैठक में अश्वनी कुमार शामिल हुए थे.
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.