--Advertisement--

​वैश्विक प्रभाव से सेंसेक्स में उछाल व राहत का माहौल

शुक्रवार की गिरावट के बाद सोमवार को सचमुच शेयर बाजार में दीवाली का माहौल देखने को मिला।

Danik Bhaskar | Aug 27, 2018, 11:46 PM IST

शुक्रवार की गिरावट के बाद सोमवार को सचमुच शेयर बाजार में दीवाली का माहौल देखने को मिला और इसके लिए घरेलू से ज्यादा एशियाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार को श्रेय दिया जाना चाहिए। बॉम्बे स्टाक एक्सचेंज 400 अंकों से ज्यादा उछलकर 38,700 के पार गया तो निफ्टी 80 अंकों से ज्यादा की बढ़त लेकर 11,700 अंकों से आगे निकल गया। यह उछाल बैंक, आईटी, एफएमसीजी, धातु समेत सभी तरह की कंपनियों में दर्ज की गई और अगर कहीं कुछ गिरावट देखी गई तो वह फार्मा कंपनियों में रही। इस बढ़त के पीछे चीन और जापान के बाजार में आई बढ़त तो जिम्मेदार है ही लेकिन उससे भी ज्यादा प्रभाव शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट के उठान का कहा जा सकता है।


वॉल स्ट्रीट में तेजी उस समय देखी गई जब फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने कहा कि ब्याज दरों को बढ़ाने के बारे में धीरे चलने का रुख अख्तियार करना चाहिए ताकि अमेरिका की अर्थव्यवस्था और नौकरियों में वृद्धि सुरक्षित रखी जा सके। उसके बाद वहां के बाजार में खुशी देखी गई और फिर एशिया और भारत के बाजारों ने भी वैसी ही भावना प्रकट की। हालांकि भारत में होने वाली रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे स्थानीय कारण भी हैं। एक तो डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में 14 पैसे की वृद्धि हुई है और दूसरी ओर मुद्रास्फीति औसत दरों पर चलने के नाते यहां भी ब्याज दरें बढ़ने का कोई कारण नहीं समझ में आ रहा था। इस नाते बैंक राहत की स्थिति में हैं और इसीलिए आईसीआईसीआई, भारतीय स्टेट बैंक, यस बैंक के शेयर 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़े तो कोडक महिन्द्रा, एक्सिस और इंडसइंड बैंक को भी फायदा हुआ। इस बीच बैंकों के बट्टा खाते के 3.8 खरब रुपए के कर्ज के समाधान की मियाद खत्म हो जाने के बाद वे मामले अब राष्ट्रीय कंपनी कानून पंचाट को जाने वाले हैं। राहत का यह माहौल बैंक उद्योग में ही नहीं है बल्कि उपभोक्ता कंपनियों में भी उम्मीद देखी जा रही है। शेयरों में सबसे ज्यादा 6.2 प्रतिशत की वृद्धि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में देखी गई तो वजह उसकी खरीददारी की संभावना है, जिसके लिए अली बाबा, गूगल और अमेजन में जंग छिड़ी हुई है और ऐसे में कंपनी की धाक जमी हुई है। हालांकि, शेयर बाजार में हुई यह बढ़ोतरी शुक्रवार तक टिक सकती है और उसके बाद इसके अस्थिर होने की भी आशंका है फिर भी उम्मीद है कि दीवाली तक इस तरह के धमाके होते रहेंगे।