--Advertisement--

राहुल गांधी की रैली और जनता के आक्रोश में अंतर

इसके बावजूद यह कह पाना मुश्किल है कि उनका यह आक्रोश वास्तव में जनाक्रोश बन गया है।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 12:53 AM IST
bhaskar editorial on rahul gandhi rally

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनाक्रोश रैली में अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध पूरा मोर्चा खोल दिया है। इसके बावजूद यह कह पाना मुश्किल है कि उनका यह आक्रोश वास्तव में जनाक्रोश बन गया है। राहुल गांधी के आरोप हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों में बड़बोलापन होता है और वे अपने पार्टी नेताओं के भ्रष्टाचार, न्यायपालिका की स्वायत्तता, दलितों, अल्पसंख्यकों और स्त्रियों के साथ सामाजिक अन्याय के प्रश्नों पर या तो चुप्पी साधे रहते हैं फिर बहुत देर से बोलते हैं।

इनके बावजूद सवाल यह है कि अभी भी नरेंद्र मोदी लोकप्रिय नेता क्यों बने हुए हैं? इसके लिए हिंदुत्व की द्वेषपूर्ण भावनाएं तो जिम्मेदार हैं ही साथ ही अच्छे दिनों का वह नारा भी है, जिसका न कोई अर्थ होता है और न ही कोई स्पष्ट खाका। राहुल गांधी यह साबित करने में लगे हैं कि कांग्रेस न तो पुराने ढंग की मुस्लिमपरस्त धर्म निरपेक्ष पार्टी है और न ही उसमें नेहरू गांधी परिवार की तानाशाही चलती है।

वे परिवारवाद के आरोपों के जवाब में अपनी पार्टी के भीतर लोकतंत्र होने का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। उससे भी आगे वे यह साबित करने का प्रयास करते हैं कि वे हिंदू हैं और उनकी हिंदू धर्म तीर्थों में आस्था है। यही कारण है कि उन्होंने कर्नाटक चुनाव प्रचार के बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने का एलान किया।

इस यात्रा के माध्यम से वे भगवान शिव का आभार व्यक्त करना चाहते हैं। हो सकता है राहुल गांधी की यह रणनीति भारतीय समाज का वोट बटोरने में एक हद तक कारगर हो जाए लेकिन वह उन संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में विफल हो सकती है जिनके नष्ट होते जाने पर वे आक्रोश जता रहे हैं और जिसकी रक्षा के लिए संकल्प जता रहे हैं, क्योंकि दोनों में एक तरह का द्वंद्व भी है।

कांग्रेस पार्टी जिस महात्मा गांधी की विरासत का दावा करती है वे पहले ईश्वर को सत्य मानते थे लेकिन बाद में सत्य को ही ईश्वर मानने लगे थे। अगर राहुल गांधी नरेंद्र मोदी को झूठ बोलने के आधार पर चुनौती देने की तैयारी में हैं तो उन्हें संविधान, विज्ञान और धर्म के उस सत्य को उजागर करना होगा जिसका पिछले चार सालों में क्षरण हुआ है। इसलिए कांग्रेस को अगर मौजूदा राजनीति को बदलना है तो अपने आक्रोश में जनता के सच को शामिल करते हुए दोनों के आक्रोश के अंतर को खत्म करना होगा।

X
bhaskar editorial on rahul gandhi rally
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..