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संपादकीय / जेटली के गले पड़ा माल्या के विदेश भागने का मामला



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Danik Bhaskar | Sep 14, 2018, 12:22 AM IST

शराब कारोबारी और 9,000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्डरिंग व बैंक धोखाधड़ी के मामले के आरोपी विजय माल्या का भारत छोड़ने का मामला वित्त मंत्री अरुण जेटली के गले पड़ता जा रहा है। मामला तब और गंभीर हो गया जब भाजपा के ही सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट में कह दिया कि माल्या के बारे में जारी लुकआउट नोटिस को कमजोर किया गया और जाने से पहले माल्या ने संसद में वित्त मंत्री को बताया था कि वह लंदन जा रहा है।

 

चार राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारी में लगी कांग्रेस के लिए लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में दिया गया विजय माल्या का बयान बिन मांगी मुराद के रूप में आया है और यही वजह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी जैसे नेताओं और प्रशांत भूषण जैसे वकील ने उसे लपक लिया है।

 

राहुल गांधी ने तो वित्त मंत्री के इस्तीफे और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुरजोर दबाव बनाया है। इस दौरान वित्त मंत्री की अपनी सफाई है और जो सही भी हो सकती है कि माल्या सांसद होने का बेजा फायदा उठाते हुए उनसे बिना समय लिए मिला था और उन्होंने बैंकों के कर्ज के मामले को निपटाने के लिए किसी बातचीत से मना कर दिया।

 

विजय माल्या ने एक और बात कही है जिस पर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के संसद समिति को दिए गए बयान से जोड़कर देखा जाना चाहिए। माल्या ने कहा है कि देश की दोनों पार्टियों ने उसे फुटबॉल की तरह इस्तेमाल किया और बाद में बलि का बकरा बना दिया।

 

यहीं पर एनपीए के बारे में राजन का बयान भी महत्वपूर्ण है कि बैंकों ने बिना जमीनी हकीकत जांचे पूंजीपतियों को कर्ज दिया और यूपीए और एनडीए दोनों सरकारों ने किसी शिकायत पर गौर नहीं किया। प्रधानमंत्री जो देश से भ्रष्टाचार मिटाने का वादा करके सत्ता में आए थे उन्हें अब चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर अपने संकल्प को याद करना चाहिए।

 

अगर उन्हें सचमुच राष्ट्र की आर्थिक बदहाली की चिंता है तो उन लोगों पर तो कार्रवाई करनी ही चाहिए, जिन्होंने माल्या को भागने में मदद की। उन्हें ब्रिटेन पर माल्या के प्रत्यर्पण के लिए हर तरह का दबाव बनाना चाहिए। अगर वे भारत को महाशक्ति बनाने का दावा करते हैं तो यह उनके परीक्षण की घड़ी है कि कोई भी लुटेरा उसके संसाधनों को बर्बाद करके बच न पाए।    

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