Hindi News »Business» Bhaskar Nerukar Column : Health Insurance Necessory As Treatment Getting Costier

भास्कर नेरुकर का कॉलम : इलाज हर साल 15% महंगा, इसलिए स्वास्थ्य बीमा जरूरी

पिछले साल मानसून से जुड़ी बीमारियां 82.3% बढ़ीं

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jul 24, 2018, 02:15 PM IST

भास्कर नेरुकर का कॉलम :  इलाज हर साल 15% महंगा, इसलिए स्वास्थ्य बीमा जरूरी
मानसून हमें गर्मियों से राहत देता है, लेकिन इस सीजन में कई तरह की बीमारियां भी फैलती हैं। हमारी कंपनी के क्लेम डाटा से पता चलता है कि पिछले साल मानसून से जुड़ी बीमारियां 82.3% बढ़ीं। दो-तीन साल में वायरल बुखार में कई गुना वृद्धि हुई है। सालाना औसत देखें तो मानसून में वायरल बुखार के मामले 119.5%, डेंगू बुखार के 97%, टाइफाइड के 85.4% और गैस्ट्रो-एंटेराइटिस के 7.1.5% बढ़े।
बारिश में खाने-पीने की सावधानियां जरूरी : बारिश के दिनों में ज्यादातर बीमारियां जलजनित होती हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि पीने का पानी फिल्टर्ड या उबला हुआ हो। इस सीजन में सड़कों पर पानी भरा रहता है, इसलिए वहां कीटाणु पैदा होने और उनसे स्ट्रीट फूड के प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए इस सीजन में स्ट्रीट फूड खाने से बचना चाहिए। इसी तरह मच्छर-मक्खी से बचने के उपाय भी करने चाहिए। जमे हुए पानी मच्छर और दूसरे कीटाणुओं के लिए पैदा होने वाली जगह होती हैं।
बीमा नहीं है तो जेब से करना पड़ेगा खर्च : बरसात में थोड़ी सी असावधानी के कारण आप बीमार पड़ सकते हैं। इलाज में आपको काफी खर्च भी करना पड़ सकता है। कुछ बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं। दूसरी तरफ इलाज के खर्च बढ़ते जा रहे हैं। चिकित्सा की महंगाई हर साल करीब 15% की दर से बढ़ रही है- चाहे अस्पताल में भर्ती होने का खर्च हो या बिना भर्ती हुए इलाज कराने का खर्च। ऐसे में अगर आपके पास पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो आपको अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन से इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। फिर भी आपके पास स्वास्थ्य बीमा होना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर आपके इलाज का खर्च आपको अपनी जेब से ना देना पड़े।
इन्फेक्शन में हॉस्पिटलाइजेशन का औसत खर्च 40-50 हजार रुपए : जब किसी तरह का इंफेक्शन होता है तो उसमें जांच, कंसल्टेशन, दवाइयां आदि का खर्च होता है। अस्पताल में भर्ती हुए तो उसका खर्च। कुछ खर्च डिस्चार्ज होने के बाद होते हैं। इनको मिला लें तो इन्फेक्शन में हॉस्पिटलाइजेशन का औसत खर्च 40,000 से 50,000 रुपए हो जाता है। बिना बीमा कवर के यह खर्च काफी महंगा साबित हो सकता है। बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में हॉस्पिटलाइजेशन, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और उसके बाद के खर्चे शामिल होते हैं। इलाज के खर्च के लिहाज से देखें तो स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी काफी सस्ती पड़ती है। 25 साल के व्यक्ति के लिए इसका प्रीमियम 4,000 से 5,000 आता है। इसलिए स्वयं और अपने परिजनों के लिए स्वास्थ्य बीमा आपका सबसे अच्छा निवेश हो सकता है।
- ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Business

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×