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पैसेंजर्स ध्यान दें, 10 घंटे तक देरी से चल रही हैं 28 फीसदी ट्रेन

देशभर में ट्रेन लेट होने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक 28 फीसदी ट्रेन (3,740) देरी से चली हैं

Dainik Bhaskar

May 27, 2018, 10:40 AM IST

समय पर नहीं चलती 100 फीसदी ट्रेनें

- पिछले 3 साल से करीब 3 हजार ट्रेन कभी भी समय से नहीं चली हैं। इस साल देरी से चलने वाली ट्रेनों का आंकड़ा और बढ़ा है। कुछ रेलगाड़ियां तो 10-12 घंटे की देरी तक चली हैं और देरी की वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। पिछले साल 24 फीसदी के करीब ट्रेन देरी से चली थीं। इससे पहले 2015-16 में 23 फीसदी के करीब ट्रेन देरी से चलीं। रेलवे बोर्ड के मुताबिक, 100 फीसदी ट्रेन समय पर कभी भी नहीं चलती हैं।

- अफसरों के मुताबिक, ढाई हजार के करीब ट्रेन हमेशा देरी से चलती हैं। उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर पूर्व रेलवे में सबसे अधिक देरी से ट्रेन चलती हैं। इन दोनों जोन से चलने वाली ट्रेन दिल्ली-हावड़ा होकर जाती हैं। यहां के ट्रैकों पर क्षमता से ज्यादा ट्रेन दौड़ रही हैं।

ट्रेनाें की लेट लतीफी को सबसे बड़ा कारण ट्रैक रिन्यूवल

- रेलवे बोर्ड के मुताबिक, इस साल ट्रेनों के देरी से चलने का कारण ट्रैक रिन्यूवल है। 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश के खतौली में हुए ट्रेन हादसे के बाद रेलवे बोर्ड ने ट्रैक रिन्यूवल में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।

- रेल मंत्री के समन्वय प्रकोष्ठ के निदेशक राजीवदत्त बाजपेई ने बताया कि मौजूदा समय में ट्रेन लेट होने का कारण ट्रैक रिन्यूवल है। नवीनीकरण का काम खत्म होने के बाद देर से चलने वाली ट्रेनों की संख्या में कमी आएगी।

- लगातार 25 फीसदी के करीब ट्रेन विलंब से चलने का कारण प्रमुख कारण ट्रैक पर क्षमता से अधिक ट्रेनों का दौड़ना, ट्रैक पर पेड़ गिरना, कानून व्यवस्था गड़बड़ होना भी है।



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